फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi HC dismisses Delhi Govt's appeal against stay order of its new nursery admission norms

नर्सरी दाखिला : केजरीवाल सरकार की नेबरहुड नीति को हाईकोर्ट का बड़ा झटका

Mon, 27 Feb 2017 04:41 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 27 Feb 2017 04:41 PM IST
विज्ञापन
Delhi HC dismisses Delhi Govt's appeal against stay order of its new nursery admission norms
- फोटो : अमर उलाजा/इंड‌ियन एक्सप्रेस

दिल्ली हाईकोर्ट की डबल बेंच ने नर्सरी दाखिलों पर चल रही सुनवाई में आज केजरीवाल सरकार को बड़ा झटका दिया है। दरअसल हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की नेबरहुड क्राइटेरिया पर स्टे लगाने याचिका की अर्जी खारिज कर दी है।

विज्ञापन


गौरतलब है कि हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने नेबरहुड क्राइटेरिया से सं‌बंधित सरकारी नोटिफिकेशन पर स्टे लगा दिया था। इसी फैसले के खिलाफ दिल्ली सरकार ने डबल बेंच में अर्जी दी थी जिसे खारिज कर दिया गया।
विज्ञापन


अदालत ने केस की सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार का फैसला मनमाना और भेदभाव पूर्ण है। मालूम हो कि हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 14 फरवरी को सरकार के फैसले पर स्टे लगा दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

फिलहाल दाखिला प्रक्रिया जारी रखने की छूट दी थी

Delhi HC dismisses Delhi Govt's appeal against stay order of its new nursery admission norms
nursery admission - फोटो : अमर उजाला

मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार, स्कूलों की एसोसिएशन व जस्टिस फॉर ऑल के तर्क सुनने के बाद कहा था कि वे इस मामले में अपना निर्णय 27 फरवरी को देंगे।

खंडपीठ ने हाल ही में सस्ती दरों पर भूमि लेने वाले 298 स्कूलों को अपनी नीति से ही फिलहाल दाखिला प्रक्रिया जारी रखने की छूट दी थी। अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया था कि दाखिला प्रक्रिया उनके अंतिम निर्णय पर निर्भर होगी।

नर्सरी मामले में फॉर्म भरे जा चुके हैं और दाखिलों के लिए स्कूलों की पहली लिस्ट संभवत: 28 फरवरी को आएगी। इसी के ध्यानार्थ अदालत ने निर्णय 27 फरवरी को सुनाना तय किया है।

कोर्ट ने सरकार की नीति को असंवैधानिक व मनमाना करार द‌िया

Delhi HC dismisses Delhi Govt's appeal against stay order of its new nursery admission norms

दिल्ली सरकार व उपराज्यपाल की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल संजय जैन ने तर्क रखा है कि सिंगल जज का फैसला पूरी तरह से गलत, दोषपूर्ण व कानून के खिलाफ है। ऐसे में इसे खारिज किया जाना जरूरी है।

सरकार ने कहा कि जिस प्रकार से स्कूलों को उनके द्वारा तय दिशा-निर्देशों पर बच्चों को दाखिला देने की छूट दी गई है उससे वे अपनी मनमर्जी करेंगे। इसके अलावा सिंगल जज ने जो तर्क दिए हैं वे आधारहीन और तय तथ्यों के विपरीत है।

जबकि सिंगल जज ने अपने फैसले में सरकार की नीति को असंवैधानिक व मनमाना करार देते हुए नेबरहुड नीति से दाखिलों पर रोक लगा दी थी।

अदालत ने कहा था कि इस नीति से कुछ लोगों को ही लाभ होगा। निजी स्कूलों ने भी तर्क रखा था कि मात्र 298 स्कूलों में नीति लागू करने से कुछ नहीं होगा, जबकि 1400 स्कूलों को इस नीति से अलग रखा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed