{"_id":"5761050e4f1c1bc61011c0e4","slug":"vocational-course-will-open-doors-of-admission-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"वोकेशनल कोर्स खोलेगा डीयू में दाखिले का दरवाजा","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
वोकेशनल कोर्स खोलेगा डीयू में दाखिले का दरवाजा
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 15 Jun 2016 01:04 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वोकेशनल विषय को लेकर हरियाणा के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में दाखिले की राह आसान होगी। डीयू ने वोकेशनल विषय के साथ 12वीं करने वाले छात्रों के लिए दाखिले की राह आसान की है। इसका फायदा इस वर्ष हरियाणा बोर्ड के छात्रों को भी मिलेगा।
विज्ञापन
दरअसल, पिछले साल तक दिल्ली यूनिवर्सिटी में वोकेशनल सब्जेक्ट वालों को एडमिशन नहीं मिल पाता था, लेकिन इस बार बेस्ट ऑफ फोर सब्जेक्ट के फॉर्मूले में वोकेशनल सब्जेक्ट वालों के लिए भी चांस है। मसलन कोई छात्र बीकॉम ऑनर्स कोर्स में दो वोकेशनल विषयों के अंक को शामिल करना चाहता है तो वह कर सकता है।
विज्ञापन
पहले कॉलेज के नियमों में इसकी इजाजत नहीं थी। जिसका फायदा हरियाणा के सरकारी स्कूल के छात्रों को ज्यादा होगा। बता दें कि नेशनल वोकेशनल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क के तहत हरियाणा के 500 सरकारी स्कूलों में दस वोकेशनल कोर्स शुरू से पढ़ाया जा रहे हैं। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने वोकेशनल कोर्स के अंक को टॉप-5 में शामिल कर लिया है। जिससे छात्रों के कुल अंक में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
अगर छात्र डीयू में बीकॉम ऑनर्स कोर्स में दाखिला लेना चाहता है तो छात्र एकाउंट्स, अंग्रेजी के साथ दो वोकेशनल सब्जेक्ट को शामिल कर सकता है। लेकिन हर वोकेशनल विषय में 10-10 फीसदी अंक काट लिए जाएंगे। वोकेशनल विषय में अगर 95 अंक हैं तो उसे 85 माना जाएगा।
इसी तरह से अगर साइंस का छात्र कॉमर्स में दाखिला लेना चाहता है तो कुल अंक में 25 फीसद की नेगेटिव वेटेज मिलेगी। यानी साइंस के छात्र के लिए कट ऑफ दो फीसदी ज्यादा होगी। इसके बावजूद हरियाणा बोर्ड के छात्रों को फायदा होगा, क्योंकि हरियाणा बोर्ड के छात्रों के वोकेशनल विषय में अधिक अंक आए हैं। जबकि मुख्य विषय साइंस, एकाउंट्स और भाषा में कम अंक आए हैं। इस वजह से अगर पांचों विषय में से टॉप-4 को डीयू में शामिल किया जाता है तो प्राप्त प्रतिशत में बढ़ोतरी होगी।
मीनाक्षी शारदा, प्रवक्ता, हरियाणा बोर्ड: प्रक्टिकल विषय होने से वोकेशनल सब्जेक्ट में छात्रों को अधिक अंक आए हैं। वोकेशनल कोर्स में छात्रों को तवज्जो देने के लिए पिछले दिनों यूजीसी ने गाइड लाइन भी जारी किया था। इसका फायदा छात्रों को कॉलेज दाखिला में मिलेगा।