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नर्सरी दाखिला मामले में मानव संसाधन मंत्रालय का यू-टर्न
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Feb 2017 11:03 AM IST
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नर्सरी दाखिले पर मानव संसाधन मंत्रालय ने हाईकोर्ट के समक्ष यू-टर्न ले लिया। न्यायमूर्ति मनमोहन के समक्ष सोमवार को मंत्रालय ने दिल्ली सरकार के पक्ष में सहमति जताते हुए अपने उस हलफनामे को वापस ले लिया, जिसमें उसने निजी स्कूलों को स्वायत्ता देने की बात की थी।
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मंत्रालय ने कहा कि निजी स्कूलों में दाखिला कैसे हो, इस बारे में उसकी भूमिका बहुत कम है। दाखिले से जुड़े मामले में राज्य सरकार की भूमिका प्रमुख होती है। मंत्रालय के वकील ने कहा कि अभिभावक की पहली जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चे का दाखिला घर के पास के स्कूल में कराए।
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पास के स्कूल में दाखिला नहीं मिलने के बाद ही अभिभावक घर से दूर स्थित स्कूल में दाखिला कराना चाहिए। मंत्रालय ंने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून नर्सरी दाखिला पर लागू ही नहीं होता। यह मामला पूरी तरह से भूमि आवंटन शर्तों से जुड़ा है। वहीं नेबरहुड नीति तय करना पूरी तरह से दिल्ली सरकार के कार्य क्षेत्र में है।
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गौरतलब है कि 4 फरवरी को मंत्रालय से इस मुद्दे पर सरकार ने अलग रुख अपनाया था। मंत्रालय ने कहा था कि निजी स्कूलों को दाखिले में आजादी होनी चाहिए। जबकि केजरीवाल सरकार का कहना है कि सरकारी जमीन पर बने स्कूलों को भूमि आवंटन की शर्तों का पालन करना होगा।