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स्कूलों को फंड देने की जगह छात्रों को मिले वाउचर
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 06 Jan 2017 04:30 PM IST
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गैर मान्यता प्राप्त बजट स्कूल एसोसिएशन के संगठन नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस (नीसा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव अनिल स्वरूप से मुलाकात की। स्कूलों ने उन्हें अपनी समस्याओं से भी अवगत कराया। स्कूलों की मांग रही कि स्कूलों से संबंधित नीतियों के निर्धारण की प्रक्रिया के दौरान बजट स्कूलों का भी प्रतिनिधितत्व हो।
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नीसा अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने बताया कि स्कूली शिक्षा से संबंधित नीतियों के दौरान बड़े निजी स्कूलों व सरकारी स्कूलों का प्रतिनिधित्व तो होता है लेकिन अनएडेड बजट स्कूल छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए सरकार स्कूलों को फंड देने की जगह सीधे छात्रों को वाउचर से फंड दे।
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नीसा दिल्ली चैप्टर के राजेश मल्होत्रा ने बताया कि आरटीई के तहत प्रत्येक तीन वर्ष के बाद स्कूलों को फिर से मान्यता लेने का प्रावधान है। इसके कारण इस सेक्टर में इंस्पेक्टर राज की वापसी हो गई है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना गया और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही।
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