जब विरोध प्रदर्शन के बीच जेएनयू पहुंचे भाजपा के 3 सीएम, नॉर्थ-ईस्ट के छात्रों ने किया हंगामा
लाल दुर्ग में तीसरी बार एबीवीपी की ऐतिहासिक जीत दर्ज करवाने की तैयारी के साथ भाजपा के तीन मुख्यमंत्री पहली बार जेएनयू कैंपस पहुंचे, लेकिन वामपंथी छात्र, शिक्षकों समेत नार्थ-ईस्ट के छात्रों के विरोध की आवाज में विकास की बात दबकर रह गई।
कोयना हॉस्टल में एबीवीपी जेएनयू की ओर से आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत सामान्य ढंग से हुई, लेकिन थोड़ी देर बात ही वापस जाओ, असम बाढ़ पीड़ितों को मुआवजे की मांग के साथ विरोध उग्र हो गया।
इसी बीच वामपंथी और एबीवीपी के छात्रों के बीच झड़प भी हुई। हंगामे के चलते कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा। रात साढ़े नौ बजे शुरू हुए कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह पहुंचे थे।
कार्यक्रम के माध्यम से तीनों मुख्यमंत्री अपने प्रदेश में विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य व पर्यटन से विद्यार्थियों को रूबरू करवाना चाहते थे। इसी बीच हॉस्टल के गेट पर नार्थ-ईस्ट के छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया।
छात्रों की मांग थी कि असम वुमेंस यूनिवर्सिटी को पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा और बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए। असम के मुख्यमंत्री सोनोवाल के भाषण के बीच में ही जेएनयू की एक छात्रा खड़े होकर बोलने लगी। इस पर उन्होंने कहा कि एबीवीपी देशभक्त संगठन है, जो विकास के लिए काम करता है।