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मैक्सफोर्ड स्कूल अधिग्रहण मामले में एलसी ने हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट 

Tue, 09 Aug 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 09 Aug 2016 12:03 AM IST
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The report submitted to the High Court in the case of Maxford school takeover
कोर्ट - फोटो : file photo

मैक्सफोर्ट स्कूल की रोहिणी व पीतमपुरा शाखा के अधिग्रहण मुद्दे पर लोकल कमिश्नर (एलसी) ने हाईकोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने स्कूलों के निरीक्षण के दौरान शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप भी लगाया है।

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अदालत ने मामले में अब 10 अगस्त को सुनवाई तय की है। न्यायमूर्ति संजीव सचदेव के समक्ष मामले की संक्षिप्त सुनवाई के दौरान महिला एलसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि निरीक्षण के दौरान शिक्षा निदेशालय के कर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। 
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उन्होंने कहा कि स्कूल के कमरों, लैब व अन्य जगहों को डी सील कर जरूरी दस्तावेज व अन्य सामान एक कमरे में रखकर सील कर दिया गया है।  अदालत ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।

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कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का दिया निर्देश

The report submitted to the High Court in the case of Maxford school takeover
कोर्ट

अपने पिछले आदेश में अदालत ने कहा था कि लोकल कमिश्नर अपनी निगरानी में सरकार द्वारा सील किए गए स्कूल की लैब और कमरों को खोलकर इनमें बंद पड़े रोजमर्रा की जरूरतों के सभी दस्तावेज व कंप्यूटर इत्यादि को निकाल कर एक कमरे में बंद कर उसे सील करेंगे। 

स्कूल प्रबंधन ने याचिका दायर कर तर्क रखा था कि सरकार ने अभी केवल स्कूल के अधिग्रहण का निर्णय किया है, अभी तक अधिग्रहण किया नहीं गया है। स्कूल की तरफ से पेश अधिवक्ता प्रमोद गुप्ता व कमल गुप्ता ने कहा था कि अधिग्रहण संबंधी आदेश पारित करने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना गया है। 

स्कूल का पक्ष केवल शिक्षा निदेशक ने सुना है। जबकि संचालन संबंधी आदेश उपराज्यपाल ने जारी किया है। कानूनी प्रावधानों के मुताबिक यदि
उपराज्यपाल ने आदेश पारित किया है तो उनका पक्ष भी उन्हें ही सुनना चाहिए। वहीं, दिल्ली सरकार के अधिवक्ता ने कहा था कि उसने उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद स्कूल की दोनों शाखाओं को अपने कब्जे में ले लिया है।

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