दिल्ली में नर्सरी दाखिले की रेस शुरू, निजी और सरकारी जमीन वाले स्कूलों के बीच फंसे पैरेंट्स
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निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2017-18 में नर्सरी में दाखिले के लिए दाखिले की रेस शुरू हो गई। हालांकि बीते सालों के मुकाबले में नर्सरी दाखिले की रेस पहले दिन ही गति नहीं पकड़ सकी। दरअसल, निजी जमीन व सरकारी जमीन वाले स्कूलों के बीच अभिभावक फंस कर रह गए।
अभिभावक फॉर्म लेने के लिए स्कूलों में पहुंचे लेकिन कहीं उन्हें दाखिला शुरू नहीं होने का नोटिस मिला तो वहीं कुछ स्कूलों ने फॉर्म वितरित किए। लगभग 1400 स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो पाई।
दरअसल, सरकार ने सरकारी जमीन पर बने 298 स्कूलों के दाखिले पर फिलहाल रोक लगा रखी है। लेकिन इनमें से कुछ स्कूलों ने अपने दाखिला क्राइटेरिया (मानक) जारी कर दिए जिससे अभिभावकों में उलझन रही।
असमंजस के कारण सोमवार को दाखिला फॉर्म न लेना ही मुनासिब समझा
राजधानी के टॉप स्कूलों की बात की जाए तो वहां अभिभावकों नहीं पहुंचे। कारण है इन स्कूलों पर दाखिलों पर लगी रोक। ज्यादातर अभिभावकों ने असमंजस के कारण सोमवार को दाखिला फॉर्म न लेना ही मुनासिब समझा।
अशोक विहार में रहने वाले अभिभावक अमित ने बताया कि वह सोमवार को कुछ स्कूलों में गए लेकिन, कुछ जगहों पर उन्हें नोटिस लगा मिला कि फिलहाल दाखिले शुरू नहीं हुए हैं। इस कारण उन्हें एक दो स्कूल से ही दाखिला फॉर्म मिल सके। सोचा था कि एक दिन में चार से पांच जगह फॉर्म ले सकूंगा लेकिन अब लगता है कि चक्कर लगाने पड़ेंगे।
द्वारका में रहने वाले एक अभिभावक ने बताया कि सरकारी जमीन पर स्कूलों में दाखिले नहीं और निजी जमीन पर दाखिले। इस फॉर्मूले के कारण परेशानी हुई। इस इलाके के ज्यादातर स्कूल जिनमें दाखिला लेना है वे सरकारी जमीन पर हैं।
अब तक सरकार ने इन स्कूलों के लिए गाइडलाइंस नहीं दी है। लेकिन इनमें से एक स्कूल ने बीते साल की गाइडलाइंस के आधार पर दाखिला शुुरू कर दिया। अब समझ नहीं आ रहा कि यहां फॉर्म भरा जाए या नहीं।
शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को निर्देश दिया था कि वह अपने मानक शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड कराएं। जिससे कि अभिभावकों को एक ही जगह मानकों की जानकारी मिल जाए। निदेशालय के मुताबिक कुल 1683 स्कूलों में सोमवार शाम तक महज 739 स्कूलों ने अपने मानक जारी किए। जबकि 944 स्कूलों ने मानक जारी नहीं किए।
मानकों में ऑनलाइन या ऑफलाइन की जानकारी हो
दाखिले में अभिभावकों को यह दिक्कत आ रही है कि उन्हें यह नहीं पता चल पा रहा कि कौन से स्कूल में ऑनलाइन फॉर्म है और कौन से में ऑफलाइन। ऐसे में एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम ने बताया कि स्कूलों की ओर से जो मानक अपलोड किए जा रहे हैं उसमें ही ऑफलाइन फॉर्म व ऑनलाइन फॉर्म की जानकारी होनी चाहिए। इससे अभिभावकों को आसानी होगी।
रोहिणी स्थित माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. ज्योति अरोड़ा ने बताया कि उनका स्कूल डीडीए की जमीन पर हैं। उन्हें दाखिले शुरू करने के लिए शिक्षा निदेशालय के दिशा-निर्देशों का इंतजार है। उन्होंने बताया कि सुबह बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे थे। वहीं लगभग 150 फोन कॉल्स में यह पूछताछ की गई कि दाखिले शुरू हैं या नहीं।
मौसम विहार स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. वंदना कपूर ने बताया कि सरकारी जमीन पर स्कूल होने के कारण अभी फॉर्म देना शुरू नहीं किया। दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। बड़ी संख्या में अभिभावक फॉर्म के लिए आए।
उन्हें बता दिया गया है कि फॉर्म जारी होने के संबंध में वेबसाइट पर व नोटिस बोर्ड पर जानकारी लगा दी जाएगी। पूसा रोड स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल एल.वी सहगल ने बताया कि उनके यहां ऑनलाइन फॉर्म भरे जाते हैं। जिसकी शुरुआत हो गई है। पहले दिन ज्यादा संख्या में फॉर्म नहीं भरे गए हैं।