फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   "The medium of the mother tongue in schools to be compulsory '

'स्कूलों में मातृभाषा का माध्यम हो अनिवार्य' 

Sun, 09 Oct 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 09 Oct 2016 12:03 AM IST
विज्ञापन
"The medium of the mother tongue in schools to be compulsory '
निजी स्कूलों की आई शामत - फोटो : concept photo

द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी एवं संस्कृत का विकल्प देना चाहिए। जबकि तीसरी भाषा के रूप में आठवीं अनुसूची की अन्य भाषाओं एवं अंग्रेजी का विकल्प दिया जा सकता है। 

विज्ञापन


आरएसएस विचारक व शिक्षाविद दीनानाथ बत्रा ने यह सिफारिश किरोड़ीमल कॉलेज में नई शिक्षा नीति पर आयोजित एक सेमिनार में की।

उनका मानना है कि स्थाई शिक्षा आयोग की जगह उसका नाम सलाहकार समिति कर देना सही है। इस समिति में उन्होंने अधिकतर शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को शामिल करने की वकालत की। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed