{"_id":"57d6ee934f1c1bef30d478ee","slug":"the-machine-data-will-be-shown-to-nsui-in-du-elections","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएसयूआई को दिखाया जाएगा डीयू चुनाव का मशीन वाइज डाटा ","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
एनएसयूआई को दिखाया जाएगा डीयू चुनाव का मशीन वाइज डाटा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 13 Sep 2016 12:04 AM IST
विज्ञापन
dusu
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीयू छात्रसंघ चुनाव के नतीजों में गड़बड़ी के आरोप लगाने के बाद प्रशासन ने उस कमरे को सील करने का फैसला किया है, जिसमें ईवीएम रखी गई है।
एनएसयूआई के आरोप के बाद सोमवार को ग्रीवांस कमेटी की बैठक हुई। बैठक के बाद प्रशासन उम्मीदवारों को मशीन के आधार पर डाटा दिखाने व वीडियो रिकॉर्डिंग दिखाने को तैयार हो गया है।
शनिवार को डूसू चुनाव नतीजों में एनएसयूआई ने अपने अध्यक्ष पद प्रत्याशी निखिल यादव के वोटों की गिनती में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था प्रदर्शन में एनएसयूआई ने मतगणना प्रक्रिया और वोटिंग मशीनों की जांच किए जाने और ईवीएम की वीडियो रिकॉर्डिंग दिखाए जाने की मांग थी।
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. डीएस रावत ने इस मामले की शिकायत मिलने पर इसे ग्रीवांस कमेटी के पास भेज दिया था। इसके बाद सोमवार को एनएसयूआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने पांच सदस्यीय ग्रीवांस कमेटी से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत कराया।
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेसी नेता ऑस्कर फर्नांडिस, एआईसीसी सचिव केसी मित्तल व एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष अमृता धवन शामिल थीं। संगठन के राष्ट्रीय सचिव विवेकानंद पाठक ने बताया कि कमेटी ने एनएसयूआई पदाधिकारियों को देर शाम को मुलाकात के लिए बुलाया।
इसके बाद प्रशासन उस कमरे को सील करने को तैयार हो गया, जिसमें ईवीएम रखी गई है। मशीन वाइज डाटा दिखाने की बात भी प्रशासन ने कही है। संगठन का दावा है कि डीयू के इतिहास में ऐसा पहली बार किया गया है।
इन कॉलेजों में गड़बड़ी के लगे थे आरोप
एनएसयूआई का आरोप था कि नौ कॉलेजों, लक्ष्मी बाई, मोतीलाल, किरोड़ीमल कॉलेज, रामलाल आनंद, वीएमसी, एसपीएम, राजधानी, शिवाजी और श्रद्धानंद कॉलेज में मतदान मशीनों में खराबी आई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर, ग्रीवांस कमेटी की बैठक से पहले संगठन ने सोमवार को आर्ट्स फैकल्टी के बाहर धरना दिया। धरने में एनएसयूआई के पदाधिकारियों के अलावा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ऑस्कर फर्नांडिस भी शामिल थे।
विज्ञापन
एनएसयूआई के आरोप के बाद सोमवार को ग्रीवांस कमेटी की बैठक हुई। बैठक के बाद प्रशासन उम्मीदवारों को मशीन के आधार पर डाटा दिखाने व वीडियो रिकॉर्डिंग दिखाने को तैयार हो गया है।
शनिवार को डूसू चुनाव नतीजों में एनएसयूआई ने अपने अध्यक्ष पद प्रत्याशी निखिल यादव के वोटों की गिनती में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था प्रदर्शन में एनएसयूआई ने मतगणना प्रक्रिया और वोटिंग मशीनों की जांच किए जाने और ईवीएम की वीडियो रिकॉर्डिंग दिखाए जाने की मांग थी।
विज्ञापन
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. डीएस रावत ने इस मामले की शिकायत मिलने पर इसे ग्रीवांस कमेटी के पास भेज दिया था। इसके बाद सोमवार को एनएसयूआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने पांच सदस्यीय ग्रीवांस कमेटी से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत कराया।
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेसी नेता ऑस्कर फर्नांडिस, एआईसीसी सचिव केसी मित्तल व एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष अमृता धवन शामिल थीं। संगठन के राष्ट्रीय सचिव विवेकानंद पाठक ने बताया कि कमेटी ने एनएसयूआई पदाधिकारियों को देर शाम को मुलाकात के लिए बुलाया।
इसके बाद प्रशासन उस कमरे को सील करने को तैयार हो गया, जिसमें ईवीएम रखी गई है। मशीन वाइज डाटा दिखाने की बात भी प्रशासन ने कही है। संगठन का दावा है कि डीयू के इतिहास में ऐसा पहली बार किया गया है।
इन कॉलेजों में गड़बड़ी के लगे थे आरोप
एनएसयूआई का आरोप था कि नौ कॉलेजों, लक्ष्मी बाई, मोतीलाल, किरोड़ीमल कॉलेज, रामलाल आनंद, वीएमसी, एसपीएम, राजधानी, शिवाजी और श्रद्धानंद कॉलेज में मतदान मशीनों में खराबी आई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर, ग्रीवांस कमेटी की बैठक से पहले संगठन ने सोमवार को आर्ट्स फैकल्टी के बाहर धरना दिया। धरने में एनएसयूआई के पदाधिकारियों के अलावा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ऑस्कर फर्नांडिस भी शामिल थे।