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वाईएमसीए को कैशलेस विश्वविद्यालय बनाने की पहल
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 02 Dec 2016 12:18 AM IST
सार
कुलपति ने बुलाई बैठक
ई-ट्रांजेक्शन को प्रभावी बनाने के दिशा-निर्देश
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कैशलैस
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
वाईएमसीए विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय को कैशलेस बनाने की दिशा में अहम निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने सभी प्रकार के लेनदेन नकदी रहित किए जाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय में ई-ट्रांजेक्शन को प्रभावी बनाया गया है।
ई-ट्रांजेक्शन प्रणाली विकसित करने के उद्देश्य से बुलाई गई बैठक में कुलपति ने वित्त नियंत्रक तथा लेखा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लेनदेन व भुगतान आदि के लिए डिजिटल मोड की सभी पद्धतियों का इस्तेमाल किया जाए।
जिनमें स्वाइप मशीन, ई-वॉलेट व मोबाइल एप शामिल हैं। विश्वविद्यालय में किसी भी प्रकार का नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि अकादमिक वर्ष 2017 से सभी प्रकार के दाखिलों को ऑनलाइन करने की व्यवस्था की जाए।
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विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ऐसी व्यवस्था सृजित की जाए जिससे कि दाखिले के अलावा विद्यार्थियों द्वारा फीस, बकाया तथा अन्य सभी प्रकार के भुगतान के लिए ऑनलाइन साथ-साथ मोबाइल, ई-वालेट व स्वाइप मशीन के माध्यम से कर सके।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में संचालित कैंटीन में भी विद्यार्थी की सुविधा के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें विद्यार्थियों के पास ई-भुगतान का विकल्प रहे। बैठक में संकाय अध्यक्ष डॉ. संदीप ग्रोवर, डॉ. सीके नागरपाल, डॉ. एसके अग्रवाल, कुलसचिव डॉ. एसके शर्मा, मुख्य छात्रपाल डॉ. विकास तुर्क, वित्त नियंत्रक डॉ. प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
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ई-ट्रांजेक्शन प्रणाली विकसित करने के उद्देश्य से बुलाई गई बैठक में कुलपति ने वित्त नियंत्रक तथा लेखा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लेनदेन व भुगतान आदि के लिए डिजिटल मोड की सभी पद्धतियों का इस्तेमाल किया जाए।
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जिनमें स्वाइप मशीन, ई-वॉलेट व मोबाइल एप शामिल हैं। विश्वविद्यालय में किसी भी प्रकार का नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि अकादमिक वर्ष 2017 से सभी प्रकार के दाखिलों को ऑनलाइन करने की व्यवस्था की जाए।
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विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ऐसी व्यवस्था सृजित की जाए जिससे कि दाखिले के अलावा विद्यार्थियों द्वारा फीस, बकाया तथा अन्य सभी प्रकार के भुगतान के लिए ऑनलाइन साथ-साथ मोबाइल, ई-वालेट व स्वाइप मशीन के माध्यम से कर सके।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में संचालित कैंटीन में भी विद्यार्थी की सुविधा के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें विद्यार्थियों के पास ई-भुगतान का विकल्प रहे। बैठक में संकाय अध्यक्ष डॉ. संदीप ग्रोवर, डॉ. सीके नागरपाल, डॉ. एसके अग्रवाल, कुलसचिव डॉ. एसके शर्मा, मुख्य छात्रपाल डॉ. विकास तुर्क, वित्त नियंत्रक डॉ. प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।