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'अदालत नहीं कर सकती उत्तर-कुंजी की समीक्षा'

Wed, 28 Sep 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 28 Sep 2016 12:14 AM IST
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"The court can not review the North-key '
कोर्ट - फोटो : file photo

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विशेषज्ञों द्वारा तैयार आंसर-की (उत्तर-कुंजी) की अदालत समीक्षा नहीं कर सकती। कोर्ट ने सीबीएसई आंसर-की में राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट)-2016 के लिए तय प्रश्न-पत्र को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।

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न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने कहा कि प्रश्न-पत्र और उत्तर-कुंजी को विषय विशेषज्ञ स्वतंत्र रूप से तैयार करते है। अदालत स्वतंत्र विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार जवाब को सही करने का काम अपने हाथ में नहीं ले सकती। 
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कोर्ट ने कहा कि उपरोक्त तथ्यों से वे महसूस करते है कि संविधान के अनुच्छेद-226 के तहत प्रदान शक्तियों का प्रयोग सीबीएसई द्वारा तैयार प्रश्न व उत्तर-कुंजी को जांचने में नहीं किया जाना चाहिए। 
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याची ने 5 सवाल गलत बताए थे
अदालत ने एक प्रत्याशी की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि नीट-2016 के लिए जारी सूचना बुलेटिन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि खारिज या उत्तर पुस्तिकाओं का फिर से मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।


याचिका सागर संजीव दुआ ने दायर की थी। दुआ ने सीबीएसई द्वारा एनईईटी के पांच सवाल को गलत बताते हुए चुनौती दी थी। याची ने इसकी जांच के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ या विशेषज्ञों के पैनल की नियुक्ति की मांग की थी।

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