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डीयू में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने पर भूख हड़ताल पर शिक्षक 

Wed, 23 Nov 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 23 Nov 2016 12:22 AM IST
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teachers on strike in du against appointment

दिल्ली विश्वविद्यालय में लंबे समय से लटकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने और तदर्थ शिक्षकों को स्थायी करने को लेकर मंगलवार को शिक्षक भूख हड़ताल पर बैठे। तदर्थ शिक्षकों के भविष्य को लेकर उपजे संकट पर डीयू कुलपति प्रो. योगेश त्यागी का ध्यान आकर्षित कराने के दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया। डूटा के इस आयोजन का डीयू के विभिन्न संगठनों ने अपना समर्थन दिया है।

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इस मौके पर डूटा अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण ने कहा कि डीयू में करीब एक साल से स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। नतीजा कॉलेजों में तदर्थ शिक्षकों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि तदर्थ शिक्षकों को स्थायी नहीं किए जाने से उनका भविष्य भी संकट में है। वह कब तक तदर्थ बनकर पढ़ाते रहेंगे। इसलिए स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू करने की जरूरत है। डूटा अध्यक्ष ने कहा कि वो नियुक्ति प्रक्रिया में तदर्थ शिक्षकों को महत्व दिए जाने के पक्ष में है लेकिन रोस्टर सिस्टम का पालन भी जरूरी है।
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नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) के अध्यक्ष डॉ. ए. के. भागी ने कहा कि वह स्थायी नियुक्ति शुरू करने की शुरू से मांग कर रहे है। विश्वविद्यालय को एक ऐसी नीति तैयार करनी चाहिए, जिससे डीयू में शिक्षकों का पद छह माह  से अधिक समय तक खाली ना रहें। एकेडमिक्स फॉर एक्शन एंड डेवलपमेंट (एएडी) के अध्यक्ष डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा ने कहा कि तदर्थ शिक्षकों के साथ सालों से अन्याय हो रहा है इसलिए ऐसी नीति को अपनाया जाए जिससे उनकी स्थायी नियुक्ति संभव हो।
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विद्वत परिषद के सदस्य प्रो. हंसराज सुमन ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू होनी चाहिए लेकिन रोस्टर यानी आरक्षण नीति का भी पालन गंभीरता से किया जाना चाहिए। नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने से पहले रोस्टर निर्धारण प्रक्रिया को विज्ञापित किया जाए ताकि आरक्षित वर्ग के आवेदकों को न्याय मिले।

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