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2009 से पहले पीएचडी कर चुके शिक्षकों को नेट से छूट
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:09 AM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति व प्रमोशन के लिए सब कमेटी के तय किए गए 50:30:20 के फॉर्मूले पर विरोध के बाद एकेडमिक काउंसिल की मुहर लग गई है।
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फॉर्मूले के तहत नियुक्ति के लिए शिक्षकों को एकेडमिक रिकॉर्ड व रिसर्च के लिए कुल 50 अंक, 30 में से 20 अंक टीचिंग अनुभव व 10 अंक डोमेन नॉलेज व 20 अंक साक्षात्कार के लिए रखे गए हैं। जबकि, सब कमेटी ने 50 अंक में 25 अंक एकेडमिक रिकॉर्ड व 25 अंक रिसर्च की सिफारिश की थी।
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वहीं अब 2009 से पहले पीएचडी कर चुके शिक्षकों को नेट करने से छूट दी गई है। देर रात तक जारी बैठक में शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर चर्चा जारी रही। एकेडमिक काउंसिल सदस्य प्रो. हंसराज सुमन ने बताया कि सब कमेटी की सिफारिशों को एकेडमिक काउंसिल की बैठक में रखा गया।
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इसमें थोड़ा बदलाव किया गया है। 50 कुल अंक कर दिया गया है। जबकि सब कमेटी की सिफारिश में इन्हें 25-25 अंक में विभाजित किया गया था। उन्होंने बताया कि 50:30:20 के फॉर्मूले पर मुहर लग गई है।
वहीं जिन उम्मीदवारों ने 2009 से पहले पीएचडी की है, उन्हें नेट करने से छूट दे दी गई है। हालांकि उसकी शर्त तय की गई है कि उन्हें जिस विषय में रिसर्च की है, उससे संबंधित दो रिसर्च प्रकाशित कराने पड़ेंगे।