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एनसीवेब शिक्षण सत्र के पहले दिन शिक्षक नदारद
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 07 Aug 2017 04:49 PM IST
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शिक्षण सत्र के पहले दिन ही अगर शिक्षक नदारद हो तो लापरवाही का अंदाजा लगाया जा सकता है। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉन कॉलेजिएट वूमेन एजूकेशन बोर्ड (एनसीवेब) के तहत चलने वाले 26 सेंटर पर कमोबेश यही हाल रहा।
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पहले ही दिन कॉलेजों में शिक्षकों के नाम नहीं भेजे जाने से कक्षाएं नहीं चल पाई। इससे रविवार को सत्र की पहली क्लास लेने पहुंची छात्राओं और उनके अभिभावकों में मायूसी के साथ नाराजगी भी दिखी।
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एक छात्रा ने बताया कि हम दिल्ली के दूर दराज इलाके से आते हैं। पहले दिन का अलग उत्साह होता है। मगर यहां आने के बाद पता चला कि आना ही बेकार हो गया। शिक्षक नहीं होने से न तो क्लास चली ना ही कोई ओरिएंटेशन हुआ।
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बताया जा रहा है कि अभी तक 26 में से 12 केंद्रों पर शिक्षकों को नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। जहां सेंटर्स हैं भी वहां पर सभी सीटों पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। डीयू के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो महाराजा अग्रसेन कॉलेज में महज 8 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिला है जबकि यहां शिक्षकों की संख्या 10 से ज्यादा होनी चाहिए।
इसी तरह रामानुजन कॉलेज में 25 शिक्षकों की जरूरत है लेकिन यहां केवल पांच शिक्षक नियुक्त हुए हैं। दोनों ही सेंटर पर ओरिएंटेशन नहीं हो पाया। एसपीएम कॉलेज में 42 शिक्षकों की जगह सिर्फ 15 को नियुक्ति पत्र मिला है। राजधानी कॉलेज में 21 शिक्षकों की जगह 13 को नियुक्ति पत्र मिला।
एनसीवेब में पढ़ाने वाले एक शिक्षक ने बताया कि उन्हें फोन करके नियुक्ति पत्र देने के लिए बुलाया गया। मगर सेंटर पर पहुंचने के बाद बताया गया कि उनका नियुक्त पत्र तैयार नहीं है। इसके चलते वह सेंटर पर पहुंचकर भी क्लास नहीं ले पाएं। उन्होंने बताया कि पहले डाक से नियुक्ति पत्र भेज दिया जाता था, जो इस बार नहीं भेजा गया है। बुलाने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया।