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एमफिल-पीएचडी की प्रवेश परीक्षा रद्द करने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 12 Jul 2017 09:39 AM IST
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डेमो
- फोटो : demo pic
दिल्ली विश्वविद्यालय में पांच जुलाई को हुई एमफिल-पीएचडी (बुद्धिस्त स्टडी) प्रवेश परीक्षा में एक समान प्रश्नपत्र आने के बाद परीक्षार्थियों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की है। परीक्षार्थियों का कहना है कि विवि प्रशासन को यह परीक्षा दोबारा करानी चाहिए। उन्होंने बुद्धिस्त स्टडी के विभागाध्यक्ष को हटाए जाने की मांग की है।
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परीक्षार्थियों का कहना है कि दोनों ही परीक्षाओं में लगभग 70 फीसदी प्रश्नपत्र समान थे। एमफिल (बुद्धिस्त स्टडी) की परीक्षा पांच जुलाई को सुबह आठ से 10 बजे हुई थी, जबकि पीएचडी प्रवेश परीक्षा (बुद्धिस्त स्टडी) शाम चार से छह बजे हुई थी। एमफिल के लिए 150 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे थे, जबकि पीएचडी के लिए 100 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। दोनों ही पाठ्यक्रमों के लिए लगभग एक समान न्यूनतम योग्यता है। ऐसे में कई परीक्षार्थी ऐेसे थे जिन्होंने दोनों पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा दी थी।
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पीएचडी की प्रवेश परीक्षा होने के बाद छात्रों ने पाया कि 70 फीसदी प्रश्न एमफिल वाले ही थे। इस तरह से 36 प्रश्न एक समान थे। इस मामले को लेकर लगभग 150 छात्रों ने आर्ट्स फैकल्टी के विवेकानंद प्रतिमा से लेकर डीन एग्जामिनेशन कार्यालय तक मार्च किया। जहां उन्होंने डीन कार्यालय में अपना ज्ञापन सौंपा। छात्रों का कहना है कि इस मामले में प्रशासन को गंभीर कदम उठाने चाहिए।
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