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'प्रदेश में छात्र संघ के चुनावों से न मुकरे सरकार'

Wed, 21 Sep 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Wed, 21 Sep 2016 12:03 AM IST
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'Student union elections in the state government not hostile'
हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर - फोटो : अमर उजाला

इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कालेज यात्रा के तहत सोमवार को नूंह के वाईएमड़ी कालेज में पहुंचकर छात्रों से संवाद किया। 

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उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश का भविष्य है और उसे सही रास्ते पर चलते हुए देश के हित को सर्वोपरि रखना चाहिए। इनेलो के छात्र संगठन इनसो में छात्रों को पूरा समान दिया जाता है। 
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इनसो लगातार सरकार पर हरियाणा में छात्र संगठनों के चुनावों का दबाव बना रही है ताकि कालेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में नेतृत्व के अच्छे गुण विकसित हो सके तथा वे आगे चलकर देश व प्रदेश को एक अच्छा राजनीतिक विकल्प दे सकें। 
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वर्तमान सरकार ने हरियाणा में छात्र संगठनों के चुनाव कराने का आश्वासन दिया था और यह कार्य सितंबर में शुरू होना था, लेकिन सरकार अब अपने वादे से मुकर रही है। 

क्योंकि सरकार ने सर्वे कराया तो पाया कि इनसो 80 फीसदी चुनावों पर कब्जा कर  लेगी, इसी डर से आज सरकार छात्र संगठनों के चुनावों से पीछे हट रही है। 

इस दौरान उन्होंने युवाओं को 25 सितंबर को करनाल में इनेलो द्वारा मनाए जा रहे सदभावना-समान दिवस रैली का निमंत्रण भी दिया और उमीद जताई कि हर बार की तरह मेवात का युवा इसमें अधिक से अधिक संया में भाग लेगा। 

भाजपा और कांग्रेस एक सिक्के के दो पहलू-
चौटाला ने कहा कि हरियाणा में पिछले दिनों हुई हिंसक घटनाओं के लिए भाजपा और कांग्रेस जिमेदार हैं। दोनों पार्टियां एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। फूट डालकर राजनीति करने का काम करती हैं। 


भाजपा उत्तरप्रदेश के चुनावों को लेकर हरियाणा में माहौल खराब करने पर तुली हुई है। भाजपा के राज में मेवात के लोग डर के साये में जी रहे है। 

बीफ के नाम पर लोगों के घरों में हांडियां खोलकर चेक की गई कि वे क्या खाते है। जो उनके अधिकारों पर कुठाराघात है। डिंगरहेड़ी गांव की घटना पर मुयमंत्री का बयान बेहद शर्मनाक है। 

जिससे एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि मुयमंत्री सबसे कमजोर प्रशासक है तथा आरएसएस के लोग नामसमझ तथा संवेदनाओं से परे है। देश की जनता ने जो जिमेदारी इन्हें सौंपी है, वह एक बड़ी गलती है। 

गाय की सेवा कोई भाजपा का पेटेंट राइट नहीं है, हिंदू की धार्मिक भावना है वे गाय की सेवा करे, लेकिन इन्होंने इसे राजनीति बना दिया है। 

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