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सेंट स्टीफंस कॉलेज स्वायतत्ता मामला: गवर्निंग बॉडी ने दी मंजूरी

Sun, 23 Apr 2017 08:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 23 Apr 2017 08:48 AM IST
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 St. Stephen's College autonomy case The governing body approves the proposal
demo pic - फोटो : अमर उजाला

सेंट स्टीफंस कॉलेज अब स्वायत्तता की दिशा में आगे बढ़ेगा। कॉलेज की गवर्निंग बॉडी (जीबी) चेयरमैन ने कॉलेज प्राचार्य प्रो. जॉन वर्गीज को एक पत्र भेजा है। पत्र में उन्हें स्वायत्तता केआवेदन के साथ आगे बढने को कहा है। यह पत्र शुक्रवार को कॉलेज शिक्षकों के साथ साझा किया गया।       

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जीबी चेयरमैन की ओर से 12 अप्रैल को लिखे इस पत्र में कहा गया है जीबी नीति व शासन केलिए कॉलेज का एक मात्र निर्णय लेने वाला निकाय है। ऐसे में आपको सलाह दी जाती है कि गवर्निंग बॉडी केनिर्णय के अनुसार आगे बढ़ें। इस संबंध में जीबी ने आपको सभी आवश्यक प्रस्तावों, दस्तावेजों, आवेदन पत्र, यूनिवर्सिटी व यूजीसी से शपथ पत्र लेने व यूजीसी से अनुदान का अनुरोध करने के लिए अधिकृत किया है।       
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कॉलेज की गवर्निंग बॉडी ने बीते 25 मार्च को स्वायत्ता के मामले में विस्तृत रूप से चर्चा की थी। चर्चा के बाद निर्णय लिया गया था कि कॉलेज स्वायत्तता के लिए आवेदन करेगा। उल्लेखनीय है कि कॉलेज के स्वायत होने से वह डीयू का जुड़ा हुआ कॉलेज नहीं होगा। यह पाठ्यक्रम तैयार करने, फीस ढांचे को तैयार करने, नए कॉलेज की शाखाओं को खोलने के लिए स्वतंत्र होगा। 
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वहीं कॉलेज शिक्षक व छात्र इस फैसले का विरोध कर रहे हैं कि यह बिना परामर्श के किया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि तीन मार्च को प्रिंसिपल जॉन वर्गीज ने कॉलेज के कर्मचारियों, छात्रों व शिक्षकों को आश्वासन दिया था कि वह आवेदन करने से पहले हितधारकों के साथ चर्चा करने की अनुमति लेने के लिए जीबी को लिखेंगे। लेकिन अब वह अपने किए गए वादे से पीछे जा रहे हैं। 


डूटा के संयुक्त सचिव डॉ. राजेश झा का कहना है कि स्वायतत्ता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सारे नियम कानून ताक पर रखकर इस तरह से कॉलेजों का निजीकरण करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। एक कॉलेज के स्वायत्त होने केबाद अन्य कॉलेज भी ऐसा करने का प्रयास करेंगे।
 

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