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जेएनयू में एसटी-एससी व पिछड़ा वर्ग को मिलेंगे अतिरिक्त ग्रेस मार्क्स

Tue, 07 Feb 2017 11:28 AM IST
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 07 Feb 2017 11:28 AM IST
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ST, SC and OBC candidates will meet in JNU additional Grace Marks
file photo - फोटो : अमर उजाला

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में  शैक्षणिक सत्र 2017 में एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के लिए अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़े वर्ग के छात्रों को बड़ी राहत मिलने वाली है। 

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जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में  शैक्षणिक सत्र 2017 में एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के लिए अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़े वर्ग के छात्रों को बड़ी राहत मिलने वाली है। इन छात्रों को एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में प्वाइंट के अलावा पहली बार ग्रेस मार्क्स भी दिए जाएंगे।
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यदि ये छात्र 50 नंबर की ओएमआर परीक्षा में क्वालिफाई नहीं भी होते हैं, तब भी उन्हें उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए ग्रेस मार्क्स मिलेंगे।जेएनयू प्रबंधन के मुताबिक, पिछले 12 सालों से अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने की मांग के तहत अतिरिक्त नंबर देने की बात की जा रही थी। 

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ST, SC and OBC candidates will meet in JNU additional Grace Marks
demo pic - फोटो : अमर उजाला
पिछले दिनों स्टैंडिंग कमेटी में इस मांग को ने पूरा कर दिया है। यह ग्रेस मार्क्स पिछड़े इलाकों को दिए जाने वाले दो से 12 प्वाइंट के अतिरिक्त होंगे। खास बात यह है कि यदि उम्मीदवार 50 नंबर की ओएमआर परीक्षा पास भी कर लेते हैं, तब भी उच्च शिक्षा में उनकी संख्या बढ़ाने के लिए ग्रेस मार्क्स मिलेंगे।


जेएनयू में स्कूल ऑफ इॅकोनोमिक्स की तर्ज पर पहली बार सभी स्कूल व सेंटर में एमफिल  व पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के लिए विद्यार्थियों को तीन परीक्षा पास करनी होगी। पहले  50 नंबर की परीक्षा होगी। जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे।


इस परीक्षा में पास होने के बाद ही 80 अंकों की लिखित परीक्षा में शामिल होंगे। इसके बाद 20 नंबर का वाइवा होगा। सूत्रों के मुताबिक, इन प्रस्तावों को यूजीसी के पास भेजने के साथ जेएनयू लीगल सेल की भी राय ली जा रही है। 

दाखिला विंडो खुलने में होगी देरी 

ST, SC and OBC candidates will meet in JNU additional Grace Marks
demo pic - फोटो : अमर उजाला
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैंपस में पहली बार एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में दाखिला नीति साफ न होने के चलते दाखिला विंडो देर से खुलेगी। क्योंकि यूनिवर्सिटी को यूजीसी से प्रस्तावों को पास करवाने के साथ-साथ लीगल सेल से भी राय लेनी होगी। 

जेएनयू छात्रसंघ के भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों और अध्यक्ष मोहित पांडे ने शनिवार को यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर विद्यार्थियों के भविष्य  से खिलवाड़ का आरोप लगाया है। छात्रसंघ का आरोप है कि स्टैंडिंग कमेटी के मिनट्स आने से पहले ही दाखिला प्रक्रिया की सूचना जारी कर दी गई है।


इस नोटिफिकेशन सहित स्टैंडिंग कमेटी के यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा जारी सूचना के तहत अब छात्रों को दाखिले के लिए तीन परीक्षा देनी होगी, जिसके चलते वे पास नहीं हो पाएंगे। छात्रसंघ पदाधिकारियों का कहना है कि प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर कितने छात्रों को पढ़ा सकते हैं, यदि यह नियम यदि लागू होता है तो आरक्षित वर्ग के छात्रों की सीट कम हो जाएंगी। 
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