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SOL : एक मंच पर मिलेगा किताबों का भंडार
रश्मि शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:16 AM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय का स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) अपनी ई-लाइब्रेरी को हाईटेक बनाने की तैयारी कर रहा है। एसओएल प्रशासन लाइब्रेरी को अन्य विश्वविद्यालयों से जोड़ने की योजना को मूर्त देने में लगा है।
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इसकी सफलता के लिए प्रशासन कुछ देशी विदेशी मुक्त विश्वविद्यालयों से बात करेगा। जिससे विद्यार्थियों को एक कॉमन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा सके। जहां उन्हें पढ़ने के लिए किताबों का भंडार मिल सके।
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कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग के निदेशक प्रो. सी.एस दुबे नेे बताया कि ई या डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से 36 लाख किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिन्हें डैश-बोर्ड की सुविधा के माध्यम से देखा जा सकता है।
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अब हम चाहते हैं कि एसओएल के विद्यार्थियों को केवल हमारी पुस्तकों से ज्ञान प्राप्त ना करना पड़े, बल्कि उनके ज्ञान के दायरे को बढ़ाया जाए। ऐसे में विभिन्न विश्वविद्यालयों की लाइब्रेरी को एक साथ लिंक करने की योजना तैयार की गई है।
इस प्रयास में देश के साथ-साथ विदेश के कुछ मुक्त विश्वविद्यालयों को जोड़ने की भी कोशिश है। अभी जो योजना तैयार की गई है उसके तहत लाइब्रेरी को ई-लिंक कर एक कॉमन वेब पोर्टल बना देंगे। जहां से विद्यार्थी जब चाहे किताबों का अध्ययन कर सकेंगे।
इसका लाभ केवल हमारे विद्यार्थियों को ही नहीं होगा बल्कि जुड़ने वाले विश्वविद्यालय भी इसका लाभ ले सकेंगे। इस तरह से लाइब्रेरी भी हाईटेक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति के दौर में यह जरूरी है कि ऐसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाए जिससे कि विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।