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स्कूलों में अध्यापकों की कमी, बच्चों की पढ़ाई हो रही चौपट
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:20 AM IST
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एक तरफ प्रदेश सरकार मेवात में बच्चों को शत-प्रतिशत शिक्षित करने के लिए अभियान चला रही है वहीं दूसरी ओर स्कूलों में अध्यापकों की कमी के बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है।
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नावली गांव के मिड़िल स्कूल में 219 विद्यार्थियों को शिक्षित करने के लिए केवल एक ही अध्यापक है। ऐसे में प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग की नीतियों पर क्षेत्र के लोग उंगली उठा रहे हैं।
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राजकीय माध्यमिक विद्यालय नावली में अध्यापकों की कमी के परेशान एसएमसी के प्रधान एवं पूर्व सरपंच अलीमोहम्मद ने बच्चों को पढ़ाया। इतना ही नहीं बल्कि अली मोहम्मद ने गांव कें शिक्षित युवकों से भी कहा कि वे अपना ज्यादा से ज्यादा समय निकालकर इन बच्चों को शिक्षित करें ताकि ये बडे होकर क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें।
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राजकीय माध्यमिक विद्यालय नावली में इस समय सातवीं कक्षा तक कुल 219 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें 117 छात्र तथा 102 छात्राएं शामिल हैं।
स्कूल में एक ही अध्यापक होने की वजह से इन सभी विद्यार्थियों को अध्यापक नौशाद अली एक साथ बैठाकर शिक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। उसके अलावा मिड़-डे-मील, स्कूल की डाक देने के लिए जाना, अधिकारियों के साथ मीटिंग होने पर अध्यापक विहीन स्कूल हो जाता है।
एसएमसी के प्रधान एवं गांव के पूर्व सरपंच अलीमोहम्मद ने स्कूल में अध्यापकों की कमी को देखते हुए निर्णय लिया कि वे स्वयं अब विद्यार्थियों को शिक्षित करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कई बार निवेदन कर लिया लेकिन उनकी कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। जिसकी वजह से अब गांव के शिक्षित युवक इस बीड़ा को उठाएंगें। उन्होंने कहा कि गांवों के शिक्षित युवकों को ही बीड़ा उठाना पड़ेगा। सरकार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर कब तक टकटकी लगाए रहेंगें।