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चप्पल, आधी बाजू के कपड़े पहनकर दीजिए नीट का एग्जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 05 May 2017 10:08 AM IST
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आगामी सात मई को मेडिकल में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) में नकल का कोई मौका नहीं देना चाहता है। इसीलिए सीबीएसई ने परीक्षार्थियो के लिए डू एंड डॉंट की लंबी सूची जारी की है।
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इसमें छात्रों को मोबाइल, कैमरा, ब्लूटूथ घड़ी, पेसिंल पेन के अलावा ड्रेस कोड यानि उन्हें किस तरह के कपड़े पहनकर आने है इसके बारे में भी बताया है। नीट-2017 में कुल 11.4 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
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सीबीएसई ने छात्रों से कहा है कि वह एग्जाम में हल्के कपड़े यानि ज्यादा तामझाम वाले कपड़े पहनकर ना आए। पूरी बाजू के कपड़े नहीं पहने यानि सभी को आधी बाजू वाले कपड़े पहनकर आने है।
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कपड़ों में बड़े बटन नहीं होने चाहिए। किसी भी तरह के बाली, नोज पिन (नाक की बाली), चेन, नेकलेस, बैज, अंगूठी पहनकर नहीं आना है। इसके अलावा, पर्स या हैंड बैग, ब्रेसलेट भी नहीं पहनना है।
परीक्षा में परीक्षार्थियों को जूते और मोजा पहनने पर भी पाबंदी है। उन्हें सिर्फ चप्पल पहनकर आना है उसमें भी वह हाई हील की नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा मेटेलिक आइट्म जैसे एटीएम (डेबिट या क्रेडिट कॉर्ड) ब्लूटूथ वाले आइटम का भी इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
सीबीएसई का मानना है कि इस तरह के पहनावे से नकल की गुंजाइश बनी रहती है। फूल बाजू के कपड़ों में बड़े बटन, हैवी कपड़ों में नकल छुपाना आसान है। सीबीएसई ने छात्रों से पेंसिल, पेन, स्केल, रबड़ समेत लिखने से संबंधित किसी भी तरह का सामान नहीं लाना है।
उन्हें परीक्षा केंद्र पर ही पेन और पेंसिल उपलब्ध कराया जाएगा। पानी की बोतल, प्लास्टिक पाउच इलेक्टानिक पेन और स्कैनर भी नहीं लाना है। सीबीएसई का कहना है कि हम नीट ही नहीं जेईई, यूपीएसई और रेलवे बोर्ड भी यही नियम फालो करता है।