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जेएनयू में बढ़ेंगी शोध की सीटें : जावडे़कर

Fri, 24 Mar 2017 09:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 24 Mar 2017 09:47 AM IST
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Seat seats in JNU will grow: Javdekar
JNU, DELHI - फोटो : अमर उजाला

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एमफिल व पीएचडी की सीटों की कटौती की अटकलों पर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने विराम लगा दिया है।

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राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में जावडे़कर ने साफ किया कि यूजीसी के नए प्रावधानों से जेएनयू में शोध की सीटों में वृद्धि के साथ-साथ गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
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जावडे़कर ने कहा कि हमारी सरकार पर इस बात के आरोप लगते रहे हैं कि यह दलित विरोधी है, जो सही नहीं है। उन्होंनेे कहा कि जेएनयू में प्रोफेसर के करीब 350 पद खाली पड़े हैं, जिनमें से 200 पद अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षित हैं।
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इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता में सुधार पर लगातार काम कर रही है। इसके लिए यूजीसी समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करता रहता है।

यूजीसी की अधिसूचना 2016 में पीएचडी और एमफिल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इसके तहत शोध छात्र और गाइड के अनुपात में बदलाव किया गया है, ताकि गुणवत्ता में सुधार हो सके।


उन्होंने बताया कि जेएनयू में एक गाइड 24-25 छात्रों को निर्देशित कर रहा था, जिससे शोधार्थियों को उचित दिशा-निर्देश नहीं मिल पा रहा था। वहीं, प्रोफेसर के लगभग 350 पद खाली पड़े हैं, जिसमें से करीब दो सौ एससी/एसटी के लिए आरक्षित हैं। यूजीसी के नए नियमों के तहत कोई भी गाइड अपने पद के अनुरूप निश्चित शोध छात्रों को निर्देशित कर सकेगा। 

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