अब देशभर के स्कूली छात्रों को सरकार देगी कैशलेस होने की ट्रेनिंग
केंद्रीय विद्यालय और सीबीएसई के स्कूलों में भी वित्तीय साक्षरता अभियान के तहत छात्रों व शिक्षकों को दी जाएगी ट्रेनिंग
छात्रों को कैशलैस से जुडने पर मिलेंगे अकेडमिक क्रेडिट
- केंद्रीय विद्यालय और सीबीएसई के स्कूलों में भी वित्तीय साक्षरता अभियान के तहत छात्रों व शिक्षकों को दी जाएगी ट्रेनिंग
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डिजिटल इंडिया के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों के बाद अब स्कूली छात्रों को कैश की बजाय कैशलेस होने की ट्रेनिंग दी जाएगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के वित्तीय साक्षरता अभियान के तहत देशभर के केंद्रीय विद्यालय संगठन और सीबीएसई स्कूलों के छात्रों व शिक्षकों को कैशलेस की ट्रेनिंग मिलेगी।
खास बात यह है कि कैशलेस अभियान से जुडने वाले छात्रों को अकेडमिक क्रेडिट भी मिलेंगे। मंत्रालय के आह्वान पर सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालय संगठन भी अपने छात्रों व शिक्षकों को कैशलेस से जोडना जा रहा है। सीबीएसई ने अपने मान्यता प्राप्त स्कूलों को इस योजना से जोडना का सुर्कलर जारी कर दिया है।
केंद्रीय विद्यालय संगठन ने अपने सभी जोनल ऑफिस को सुर्कलर जारी करते हुए लिखा है कि सोमवार को 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों और सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए स्थानीय बैंकों/वित्तीय संस्थानों से विशेषज्ञ और स्कूल के पीजीटी (कंप्यूटर, कॉमर्स या इकोनॉमिक्स) जानकारी देंगे।
इस दौरान ई-वॉलेट, यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस), आधार कार्ड पेमेंट प्रणाली, काड्र्स पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल), यूएसएसडी (अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्र सर्विस डाटा) आदि के बारे में बताया जाएगा।
आसपास के लोगों को कैशलेस बनाना सिखाएंगे छात्र
छात्र अपने परिवार समेत आसपास के लोगों को कैशलेस से जोडने के लिए जागरूक करेंगे। स्कूल पर छात्रों को प्रमाण पत्र व प्रतीक चिह्नि भी दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में स्काउट्स एंड गाइड के कार्यकर्ता भी सहयोग करेंगे।
अभियान के तहत प्रशिक्षण की सारी जानकारी क्षेत्रीय कार्यालयों को 31 मार्च 2017 तक रिपोर्ट बनाकर भी भेजनी होगी। बता दें कि मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एक दिसंबर को वित्तीय साक्षरता अभियान पोर्टल लांच किया था, जिसमें सबसे पहले उच्च शिक्षण संस्थानों को जोड़ा गया था।
इसमें देशभर के विश्वविद्यालय व कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी समेत अन्य संस्थान शामिल थे। इस अभियान में उच्च शिक्षण संस्थानों से करीब डेढ़ लाख वालेंटियर जुड़ चुके हैं, जिनकी ट्रेनिंग का काम सोमवार से शुरू हो रहा है।
मंत्रालय ने इस अभियान से जुडने वाले छात्रों को अकेडमिक क्रेडिट के साथ नगद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है। जबकि मंत्री वालेंटियर के रूप में जुडने वाले सभी छात्रों को मेल के माध्यम से धन्यवाद भी भेज रहे हैं।