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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के विज्ञापनों में धांधली का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:28 AM IST
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jamia millia islamia
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डीयू के प्रो. हंसराज सुमन ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में शिक्षकों की भर्ती के लिए निकाले गए विज्ञापन में धांधली का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर जामिया के कुलपित प्रो. तलत अहमद ने जांच करवाने की बात कही है।
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डीयू के प्रो. का आरोप है कि चार पदों पर मूक बधिर लगाने के लिए विज्ञापन दिया गया, जबकि आरक्षण के आधार पर विज्ञापन नहीं दिया जा सकता था। यदि विश्वविद्यालय ने इस संबंध में कोई बदलाव नहीं किया तो आंदोलन की भी चेतावनी दी गई है।
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डीयू एकेडमिक काउंसिल के सदस्य प्रो. हंसराज सुमन ने बताया है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने टीचर्स की अपॉइंटमेंट के लिए विज्ञापन संख्या--3/2017--18 दिनांक--5 जून 2017 को एक विज्ञापन दिया। जिसमें हिंदी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पदों को मूक बधिर के लिए आरक्षित किया गया है।
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इसी तरह से सेंटर फॉर स्टडी ऑफ कम्पेरिटिव रिलीजन एंड सिविलाइजेशन डिपार्टमेंट में सहायक प्रोफेसर के एक पद को मूक बधिर के लिए रखा गया।
ऐसे ही डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन स्टडीज में एसोसिएट प्रोफेसर का 1 पद मूक बधिर के लिए आरक्षित कर दिया गया। इस प्रकार चार विभागों में 4 पदों को मूक बधिर के लिए आरक्षित किया गया है। जबकि ये पद पीडब्ल्यूडी (विशेष वर्ग ) के अन्य श्रेणी में जाने चाहिए थे।
हालांकि डीओपीटी के निर्देशानुसार शैक्षिक पदों में (ड्राइंग पेंटिंग को छोड़कर) मूक बधिर को आरक्षण नहीं दिया जा सकता है ,बावजूद टीचिंग पदों पर आरक्षण दिया गया है। इससे पहले 2016 में भी ऐसी गलती हुई थी। प्रो. सुमन का कहना है कि टीचिंग पदों के आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2017 रखी गई है।