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अनुसंधान के लिए जरूरी है सॉफ्टवेयर की समझ: प्रो. कुमार

Tue, 20 Dec 2016 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Tue, 20 Dec 2016 12:11 AM IST
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Research is essential to the understanding of software

वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी और एसपीएसएस साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम की शुरूआत सोमवार से हुई। ‘बिग डाटा एनॉलिसिस, डाटा व टैक्ट्स माइनिंग’ विषय पर 19 से 24 दिसंबर तक यह कार्यक्रम होगा।

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कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी और अन्य शिक्षण संस्थानों से लगभग 40 प्रतिभागी शामिल होंगे। कार्यक्रम का उदघाटन सोमवार को कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने किया।

कुलपति ने इस मौके पर कहा कि कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग के कारण सूचनाओं और जानकारी का बड़ा डाटा एकत्रित हो रहा है, जिसका आकार निरंतर बढ़ता जा रहा है और ऐसे आंकड़ों का विश्लेषण करना एक कठिन प्रक्रिया है।
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इस संदर्भ में नवीनतम एप्लीकेशन और सॉफ्टवेयर की समझ होना बेहद जरूरी है जो शोध कार्य को भी आसान बनाते है। प्रो. सीके नागपाल ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को एसपीएसएस मॉड्यूलर का प्रयोग करते हुए उन्नत सांख्यिकीय, डाटा और टेक्स्ट माइनिंग तकनीकों की बुनियादी जानकारी और अनुभव देना है।  
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उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सिटी प्रबंधन जैसे कार्यक्रमों की सफलता के लिए बड़े स्तर पर आंकड़ों का विश्लेषण महत्वपूर्ण कार्य है। इस मौके पर संकायाध्यक्ष प्रो. संदीप ग्रोवर भी मौजूद थे। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. नीलम दूहन है।

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