जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में मतगणना का रिकॉर्ड टूटा, 22 घंटे में रिजल्ट जारी
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में मतदान का रिकॉर्ड बेशक दूसरे नंबर पर रहा हो, लेकिन मतगणना में सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं।
पहली बार छात्रसंघ चुनाव आयोजित करने की जिम्मेदारी महिला सदस्य यानि इशिता मन्ना को मिली और उन्होंने महज दस दिनों में चुनाव करवा दिए। जो आज तक का सबसे कम समय है।
इशिता के मुताबिक, दस दिनों में चुनाव करवाना कठिन काम था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रबंधन से लेकर छात्र संगठनों समेत मतदाताओं ने बहुत सहयोग दिया।
मतदान खत्म होने के बाद रात साढ़े 11 बजे मतगणना शुरू कर दी गई, जो रात दिन चलते हुए सुबह करीब दस बजे खत्म हो गई। अभी तक जेएनयू में नतीजे घोषित होने के लिए दो से चार दिन का समय लगता रहा है।
मतगणना जल्द खत्म करवाने का निर्णय तो ले लिया, लेकिन मतदान अधिक होने से डर था कि कहीं योजना विफल न हो जाए। हालांकि 22 घंटों से भी कम समय में बैलेट बॉक्स से एक-एक वोट की गिनती पूरी करते हुए सारे रिकॉर्ड टूट गए।
आइसा ने का लहराया परचम
वर्ष 2007 सेंट्रल पैनल की चारों सीटों पर जीत दर्ज की।
मार्च 2012 सेंट्रल पैनल की चारों सीटों पर विजेता का ताज पहना।
वर्ष 2013 अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव व संयुक्त सचिव पद जीता।
सितंबर 2012 उपाध्यक्ष, महासचिव व संयुक्त सचिव पद जीता।