फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   poor condition of government schools in faridabad

निजी स्कूलों में डिजिटल एजुकेशन, सरकारी स्कूल में कंप्यूटर ही नहीं

Mon, 08 May 2017 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Mon, 08 May 2017 09:46 AM IST
विज्ञापन
  poor condition of government schools in faridabad
सीबीएसई में परीक्षा देकर बाहर आते छात्र।

विज्ञापन

एक तरफ निजी स्कूल टैब एवं लेपटॉप से शिक्षा देने के प्रति आगे बढ़ रहे हैं दूसरी तरफ जिले के प्राथमिक स्कूलों को कंप्यूटर तक नसीब नहीं है। देश की राजधानी दिल्ली से 50 किलोमीटर दूर फरीदाबाद जिले के सरकारी स्कूलों में डिजिटल इंडिया का नारा बैरंग नजर आ रहा है। नन्हें मुन्हें विद्यार्थियों को की- बोर्ड एवं माउस के भी दर्शन नहीं हो रहे हैं। ऐसे में भारत का भविष्य विद्यार्थी डिजिटल क्रांति के दौर में कैसे आगे बढ़ पाएगा, यह सवाल बना हुआ है।

फरीदाबाद एवं बल्लभगढ़ ब्लॉक में करीब 25 कलस्टर स्कूल में एक-एक कंप्यूटर की सुविधा विभागीय कार्य निपटाने के लिए दी गई है। प्रत्येक कलस्टर स्कूल में 10 स्कूल शामिल है, लेकिन बताया जा रहा है कि कलस्टर स्कूल सिर्फ अपना ही कार्य बमुश्किल निपटा पाते है। जबकि अधिकांश निजी स्कूलों ने टैबलेट एवं कंप्यूटर को शिक्षण कार्य का हिस्सा बना लिया है।
विज्ञापन

 
सेक्टर-11डी स्थित द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल ने क्लास दो से ही टैबलेट से पढ़ाई का नवाचार विद्यार्थियों के लिए कर दिया है। विद्या मंदिर स्कूल, डीपीएस, ग्रेंड कोलंबस समेत नामी स्कूलों में विद्यार्थियों को कंप्यूटर शब्दावली के साथ कम्प्यूटर का ज्ञान दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


व्यवस्था की ऑनलाइन, पर नहीं दी सुविधा
शिक्षा विभाग ने पिछले दो वर्ष से प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में दाखिले एवं टीसी निकालने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। बिना ऑनलाइन आवेदन किए किसी भी बच्चे को दाखिला एवं टीसी भी नहीं मिल सकती है। लेकिन सरकारी स्कूल में कंप्यूटर की सुविधा नहीं होने से शिक्षकों को अभिभावकों के साथ साइबर कैफे के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जहां पर 20 से ड40 रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से राशि कैफे संचालक को देनी पड़ रही है। जिसका खर्च भी शिक्षक द्वारा उठाया जा रहा है। वहीं अप्रैल माह में दाखिला प्रक्रिया को पूरा करने के लिए हर स्कूल से एक शिक्षक को साइबर कैफे जाने के लिए नियुक्त कर रखा है।   

प्राथमिक स्कूल :                240 
उच्च प्राथमिक स्कूल :             40
इसमें से कलस्टर स्कूल की संख्या :     25

निजी स्कूलों में विद्यार्थी टैबलेट से पढ़ाई कर रहे है। सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा होनी चाहिए। बच्चों के ऑनलाइन दाखिले के लिए साइबर कैफे तक जाना पड़ रहा है। जिसमें शिक्षकों को खासा परेशानी हो रही है।  

मुकेश गर्ग, जिला सचिव, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ

शिक्षक संघ द्वारा स्कूलों में कंप्यूटर सुविधा के लिए मांग की जा रही है। अब तक ध्यान नहीं दिया गया है। बच्चों के ऑनलाइन दाखिले एवं टीसी निकालने के लिए साइबर कैफे जाना पड़ता है। जिसका खर्च शिक्षकों को उठाना पड़ता है। अजरौंदा में स्टेट बैंक एवं चंदावली में ग्रामीणों के सहयोग से स्कूली विद्यार्थियों को एक-एक कंप्यूटर की सुविधा दी गई है। 
चत्तर सिंह, प्रधान, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed