{"_id":"593d6dd54f1c1bb25d9bf0be","slug":"pmo-asked-report-on-financial-issues-in-ramjas-college-delhi-university","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामजस कॉलेज में वित्तीय अनियमितता, पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट ","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
रामजस कॉलेज में वित्तीय अनियमितता, पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 12 Jun 2017 09:56 AM IST
विज्ञापन
ramjas college
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में लंबे समय से अपाइंटमेंट, रोस्टर और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मिली शिकायत पर पीएमओ ने डीयू से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन
डीयू ने कॉलेज को पत्र लिखकर पीएमओं की ओर से मांगी गई रिपोर्ट पर जवाब तलब करते हुए तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। डीयू एंड कॉलेज बैकवर्ड इम्प्लाइज एसोसिएशन ने पीएमओ ग्रीवांस सेल में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
रामजस कॉलेज में शैक्षिक और गैर शैक्षिक पदों पर अपॉइंटमेंट, प्रमोशन, रोस्टर में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज बैकवर्ड इम्प्लाइज एसो. और दिल्ली यूनिवर्सिटी एससी, एसटी ओबीसी टीचर्स फोरम ने यूजीसी, एमएचआरडी, संसदीय समिति समेत पीएमओ ग्रीवांस सेल में शिकायत की थी।
विज्ञापन
शिकायत में बताया गया है कि कॉलेज ने शैक्षणिक सत्र 2013-14 से लेकर 2016-17 तक छात्रों व स्टॉफ के लिए फ्री मेडिकल सुविधाओं के लिए एक निजी कंपनी को 37 लाख रुपये दिए लेकिन न तो छात्रों को और न ही स्टाफ को मेडकिल सुविधाएं मिली।
फोरम के चेयरमैन और एकेडेमिक काउंसिल के सदस्य प्रो. हंसराज सुमन व एसोसिएशन के महासचिव धनराज पोसवाल ने आरोप लगाया है कि कॉलेज ने अपने 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शताब्दी वर्ष समारोह के लिए एक लाख रुपये का बजट रखा था।
इस बजट को 15 दिसंबर 2016 को कमेटी ने मंजूरी दी, लेकिन अगले ही दिन 16 दिसम्बर को यह बजट बढ़ाकर 7.84 लाख रुपये कर दिया गया। खेल मैदान के नाम पर 15 लाख रुपये पास हुए, लेकिन काम नहीं हुआ।