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आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को पीएचडी दाखिले में किया नॉट फाउंड सूटेबल

Thu, 17 Aug 2017 09:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 17 Aug 2017 09:33 AM IST
सार

यूजीसी, एमएचआरडी, संसदीय समिति को लिखा पत्र

 

- यूजीसी, एमएचआरडी, संसदीय समिति को लिखा पत्र

- सामान्य वर्ग उम्मीदवारों की सीटें पूरी भरी

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली, 16 अगस्त

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phd student not found suitable in reservation category in delhi university
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली विश्वविद्यालय के फिजिक्स विभाग ने पीएचडी दाखिले में आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को नॉट फाउंड सूटेबल कर दिया है। जबकि सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की सीटें पूरी भर गई हैं। इस मामले की जांच के लिए यूजीसी, एमएचआरडी व संसदीय समिति को पत्र लिखा गया है।

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उल्लेखनीय है कि बीते दिनों शिक्षकों की नियुक्तियों में एससी, एसटी, व ओबीसी के उम्मीदवारों को नॉट फाउंड सूटेबल (उपयुक्त नहीं मिला) किया था।दिल्ली यूनि वर्सिटी की एकेडेमिक काउंसिल सदस्य प्रो हंसराज ने बताया कि फिजिक्स विभाग में पीएचडी दाखिले के लिए 1 अगस्त से 3 अगस्त तक इंटरव्यू हुए।
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विभाग ने 9 अगस्त को पीएचडी एडमिशन में चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी की गई। इस सूची में ओबीसी वर्ग में पीएचडी में दाखिले के लिए केवल एक उम्मीदवार का चयन किया गया। जबकि प्रवेश से पूर्व उनकी 14 सीट बताई गई थी।

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इसी तरह से एससी-एसटी के 2-2 उम्मीदवारों को नॉट फाउंड सूटेबल कर दिया गया। इस मामले को लेकर उन्होंने इसकी जांच यूजीसी, एमएचआरडी व संसदीय समिति से कराने के लिए एक पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया हैकि हर स्तर पर आरक्षित श्रेणीकी सीटें खाली छोड़ी जाती हैं या उन्हें नॉट फाउंड सूटेबल कर दिया जाता है।



प्रो. सुमन ने बताया है कि पिछले वर्षों में एससी/एसटी/ओबीसी कोटे के उम्मीदवारों का पीएचडी में एडमिशन होने के बाद उन्हें समय पर सुपरवाइजर ना मिलने के कारण वे पीएचडी छोड़कर चले गए या उन्हें एडमिशन नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल चिंता जताई है कि आरक्षित श्रेणियों पर ही उम्मीदवारों को क्यों नॉट फॉउंड सूटेबल किया जाता है। सामान्य श्रेणी के पदों पर ऐसा क्यों नहीं होता।

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