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DU, स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया लटकने के आसार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Mar 2018 07:27 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसरों के पदों पर स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया एक बार फिर लटकने के आसार है। दरअसल, यूजीसी ने पत्र लिख कर कॉलेजों को फिर से रोस्टर तैयार करने को कहा है। इस रोस्टर का सबसे ज्यादा नुकसान एससी, एसटी और ओबीसी उम्मीदवारों को होगा।
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उधर, पत्र के विरोध में दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ 12 मार्च को यूजीसी मुख्यालय पर धरना देगा। डीयू एकेडमिक काउंसिल सदस्य प्रो. हंसराज ने कहा कि कॉलेजों व विभागों ने कॉलेज को एक यूनिट मानकर सीनियरिटी के आधार पर 200 पॉइंट बेस रोस्टर तैयार किया था। इसी आधार पर सहायक प्रोफेसर के विज्ञापन भी निकाले गए थे।
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साथ ही कॉलेजों में विषयवार स्क्रीनिंग भी हो चुकी है। लेकिन अब कॉलेजों को नया रोस्टर तैयार करडीयू से पास कराकर पदों को विज्ञापित कराना होगा। चूंकि अब डिपार्टमेंट और विषय वाइज रोस्टर बनाना होगा इससे छोटे विभाग जहां 4 या 6 से कम पोस्ट है वहां एससी- एसटी की पोस्ट नहीं आ सकेगी।
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शिक्षकों में रोष
प्रो. सुमन का कहना है कि यूजीसी के पत्र से आरक्षित वर्गों के शिक्षकों में रोष है। नये रोस्टर से उनकी सीटें कम हो जाएंगी। मंगलवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी एससी, एसटी, ओबीसी टीचर्स फोरम की आपात बैठक बुलाई गई।
इस दौरान 12 मार्च को डूटा के धरने में हिस्सा लेने का फैसला किया। साथ ही पत्र वापस नहीं लेने पर देश व्यापी आंदोलन चलाने की बात कही गई। फोरम ने 8 मार्च को फिर से डूटा ऑफिस में मीटिंग बुलाई है। जिसके बाद सभी सेंट्रल और स्टेट व अन्य यूनिवर्सिटी के शिक्षकों को बुलाकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।