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बढ़ी फीस, स्कूलों की मनमानी रोकने एक मंच पर आए अभिभावक: आईडब्ल्यूपीए

Sat, 06 May 2017 09:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 06 May 2017 09:57 AM IST
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parents organisation from all over india came on one stage against fee hike
सांकेत‌िक च‌ित्र - फोटो : Amar Ujala

इंडिया वाइड पैरेट्स एसोसिएशन (आईडब्ल्यूएपीए) ने देशभर के अभिभावक संगठनों से स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लडने के लिए एक मंच पर आने की अपील की है।

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शुक्रवार को आईडब्ल्यूएपीए ने अलग-अलग राज्यों से आए अभिभावक संगठनों के प्रतिनिधियों संग प्रेस क्लब में प्रेस कॉंफ्रेंस की। कॉंफ्रेंस में स्कूलों की मनमानी के बारे में बताया और लड़ाई को आगे बढ़ाने की रूपरेखा भी रखी। इसमें चंडीगढ़, फरीदाबाद, दिल्ली, महाराष्ट्र  से आए अभिभावकों ने हिस्सा लिया।
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आईडब्ल्यूपीए की सदस्य अनुभा सहाय ने कहा कि देश में शिक्षा के लिए कोई एक कानून नहीं है। कुछ राज्य जैसे महाराष्ट्र के पास दूसरे राज्यों की तुलना में अच्छे कानून है मगर मध्य प्रदेश और चंडीगढ़ में स्कूलों को व्यवसायीकरण को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। हालांकि उन्होंने महाराष्ट्र में कानून तो है लेकिन उसे प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है। 
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चंडीगढ़ अभिभावक एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि इंडिया वाइड पैरेंट्स एसोसिएशन का एक मंच है। जहां से सभी राज्यों के अभिभावक संगठन जो स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे है इस मंच पर आए। हम उन्हें प्लेटफॉर्म के साथ कानूनी मदद भी करेंगे। उन्होंने बताया कि इस जागरूकता का फायदा मिला है बीते कुछ समय पर अभिभावक हमसे जुड़ भी रहे है।

आईडब्ल्यूएपीए के सदस्य फरीदाबाद से आए नरेंद्र मुंजाल ने कहा कि हम स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लड़ रहे है। हम स्कूलों के खिलाफ कानून लड़ाई लड़ रहे है। हम सिर्फ स्कूलों ही नहीं उन प्राधिकरणों केखिलाफ भी लड़ रहे है जिनकी जिम्मेदारी है कि वह स्कूलों के मनमानी तरीके पर रोक लगा सकते है। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई जा रही रहेगी। हम एनसीपीसीआर (नेशनल कमीशन फार प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स) के साथ मिलकर काम कर रहे है।

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