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स्कूल से ही ज्यादा कीमत पर यूनिफॉर्म लेने को मजबूर अभिभावक

Sat, 25 Mar 2017 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 25 Mar 2017 12:07 AM IST
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parents are forced to take uniform and books from schools

नया सत्र शुरू होते ही स्कूलों ने किताबों और यूनिफॉर्म की दुकानें शुरू कर दी हैं। स्कूल प्रबंधन मन मुताबिक मूल्य पर किताबें और यूनिफॉर्म दे रहे हैं। एक ही कक्षा होने के बावजूद हर स्कूल में किताबों के दाम अलग-अलग हैं।

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किसी स्कूल में तीसरी कक्षा की किताबें 3500 रुपये के करीब हैं, तो किसी स्कूल में करीब 5000 रुपये में किताबें मिल रही हैं। अभिभावक बच्चों के यूनिफॉर्म भी स्कूल से ही खरीदने को मजबूर हैं, जबकि यहां मार्केट रेट की तुलना में काफी ज्यादा कीमत पर यूनिफॉर्म मिल रहा है।
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बाल भारती स्कूल में पहली कक्षा के लिए करीब 2500 रुपये की किताबें हैं। वहीं, विश्व भारती स्कूल में पहली कक्षा की किताबें करीब 2740 रुपये की हैं। बाल भारती स्कूल में तीसरी कक्षा की किताबें 3500 रुपये में मिल रही हैं, तो विश्व भारती स्कूल में 3670 रुपये में तीसरी कक्षा की किताबें हैं। वहीं, एपीजे स्कूल में 4500 रुपये की किताबें हैं। इसी तरह सभी स्कूलों में एक ही कक्षा की किताबें अलग-अलग दाम में मिल रही हैं।
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बदल दी गईं किताबें
स्कूल प्रबंधन हर साल किताब बदल देते हैं। अगर कोई बच्चा अगली कक्षा में जाने पर दूसरे बच्चे को किताब देना चाहे, तो भी नहीं दे सकता। कई स्कूलों ने इस बार फिर से किताबें बदल दी हैं। सेक्टर- 16 ए स्थित एपीजे स्कूल की किताब की दुकान से मिली जानकारी के अनुसार कक्षा दो की किताबों में बदलाव किया गया है।

इसलिए अभी तक कक्षा दो की किताबें मिलनी शुरू नहीं हुई हैं। इस बारे में स्कूल का कहना है कि पाठ्यक्रम पर कुछ काम चल रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है कि बहुत ज्यादा बदलाव किया गया है। इसके अलावा भी कई स्कूलों में किताबों में बदलाव किया गया है।

नकद में ही मिलेगा यूनिफॉर्म
स्कूलों की तरफ से किताबें खरीदने के लिए तो कार्ड से पेमेंट करने का विकल्प रखा गया है, लेकिन यूनिफॉर्म खरीदने के लिए नकद भुगतान ही करना पड़ेगा। ऐसा हाल लगभग सभी स्कूलों में है। स्कूलों में मिल रहे यूनिफॉर्म की कीमत 800 या 900 रुपये है। इसके लिए जूते अलग से लेने पड़ेंगे, जबकि मार्केट में ये यूनिफॉर्म 500 से 600 रुपये में मिल रहे हैं।

ज्यादा किताबें लगाते हैं स्कूल
सीबीएसई ने हर कक्षा के लिए किताबों की लिस्ट जारी की हुई है। बावजूद इसके स्कूल अपनी मर्जी के अनुसार किताबें लगा रहे हैं। स्कूलों में लगाई जाने वाली किताबों की संख्या सीबीएसई की गाइड लाइन से चार गुणा ज्यादा तक होती हैं। एपीजे स्कूल की वाइज प्रिंसिपल शेफाली गुप्ता का कहना है कि हमारे सभी स्कूलों की सभी ब्रांच में एक जैसी किताबें लगाई जाती हैं। ये सभी किताबें अप्रूव होती हैं।


सीबीएसई की ओर से निर्धारित किताबों की संख्या
कक्षा           किताब संख्या
 1                    3
 2                    5
 3                    4
 4                    6
 5                    10

शिकायत मिलेगी तो करेंगे कार्रवाई
सीबीएसई के नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों में जांच कराई जाएगी। जांच के बाद रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जाएगी, जिसमें फीस और स्कूल परिसर में किताबें बेचने जैसे मुद्दे रहेंगे। हालांकि इसके लिए शिकायत होनी जरूरी है। शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई करेंगे।- एनपी सिंह, जिलाधिकारी 

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