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ऑनलाइन एडमिशन ने बिगाड़ा छात्र राजनीति का समीकरण

Sat, 11 Jun 2016 11:30 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sat, 11 Jun 2016 11:30 AM IST
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online admissions spoil political equations of students
- फोटो : amar ujala
                                
                
                
                 
                    
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दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) और महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) में ऑनलाइन दाखिला व्यवस्था ने गुड़गांव की छात्र राजनीति की चमक को फीका कर दिया है। दाखिले के वक्त हेल्प डेस्क के सहारे गुड़गांव में छात्र राजनीति चमकाने वाले छात्र नेताओं को इस बार मौका ही नहीं मिल पा रहा है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के एक सप्ताह बाद भी सभी राजनीतिक पार्टियों की हेल्प डेस्क नदारद है। सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) के स्कूलों से निकलने वाले छात्रों के लिए डीयू पहली पसंद होती है। हर वर्ष डीयू में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही शहर में छात्र राजनीति शुरू हो जाती थी। ये छात्र नेता हेल्प डेस्क के जरिए फॉर्म भरने और डीयू के कॉलेज तक पहुंचने में छात्रों की मदद करते थे। मेट्रो स्टेशन और बस स्टैंड पर छात्र संगठनों के कार्यकर्ता नए छात्रों के लिए रहबर बनते थे। बाद में इन्हीं छात्रों से दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (डूसू) चुनाव में वोट मांगते थे।
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इसी तरह एमडीयू के कॉलेजों में दाखिले के वक्त होता था। शुरू से जुड़ने का फायदा छात्र संगठनों को भी होता था। बता दें कि पिछले वर्ष डीयू के विभिन्न कॉलेजों मेें गुड़गांव के करीब 5000 छात्रों ने दाखिला लिया था। डीयू के ऑनलाइन दाखिला से छात्रों को भागमभाग से छुटकारा मिला, लेकिन इस व्यवस्था ने छात्र संगठनों के लिए अब रहबरी का रास्ता ही बंद कर दिया है।
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डाटा जमा करने में होगी मुश्किल छात्रों की रहबरी के लिए छात्र संगठन पूरा डाटा भी तैयार करते थे। जिसमें कौन से कॉलेज में छात्र जाने वाला है? कौन से कोर्स में रुचि है? हॉबी क्या है? घर का पता, मोबाइल नंबर आदि। इससे कक्षा शुरू होने के बाद उन्हें अपने संगठन से जोड़ने में मदद मिलती थी। साथ ही डूसू चुनाव के वक्त मैसेज, फेसबुक और फोन के जरिए वोट मांगते थे। कई बार डूसू अध्यक्ष व महासचिव पद के उम्मीदवार घर तक पहुंच जाते थे।
नीरज यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष, एनएसयूआई: आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होने से छात्रों को फायदा हुआ है। अब आवेदन करने में नहीं तो कॉलेज में दाखिला प्रक्रिया पूरी करने में मदद के लिए छात्र संघ तैयार है। टीम तैयार की जा रही है। जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा।
सतीश जुडौला, हरियाणा महासचिव, एबीवीपी: छात्रों के बीच पैठ बनाने के लिए अब ज्यादा मेहनत करनी होगी। गुड़गांव से छात्रों का पता लगाना अब मुश्किल हो गया है। इसके लिए कॉलेज स्तर पर ही मुहिम शुरू की जा रही है।
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