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फरीदाबाद के दो हजार प्ले स्कूलों की होगी जांच

Thu, 30 Mar 2017 01:15 PM IST
गौरव चौधरी/अमर उजाला, फरीदाबाद
गौरव चौधरी/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Thu, 30 Mar 2017 01:15 PM IST
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one lakh play schools of faridabad will have inspection
डेमो पिक

फरीदाबाद के गली-मोहल्लों में चल रहे हजारों प्ले स्कूलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। 8 फरवरी 2017 को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की ओर से भेजे गए दिशा-निर्देश का पालन कराने के लिए हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

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मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले प्ले स्कूलों को सील करने की तैयारी की जा रही है। बकायदा, इसके लिए जिला स्तर पर सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हरियाणा में एक लाख से ज्यादा प्ले स्कूल बताए जाते हैं, जबकि फरीदाबाद जिले में इनकी संख्या तकरीबन दो हजार है। एनसीपीसीआर की तरफ से पिछले साल दिसंबर में रेगुलेटरी गाइडलाइन फॉर प्राइवेट प्लेट स्कूल के नाम से गाइडलाइन तैयार की गई थी।
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8 फरवरी 2017 को 28 पेज की यह गाइडलाइन हरियाणा के मुख्य सचिव को जारी कर पालन कराने के आदेश दिए गए थे। मुख्य सचिव ने प्रदेश के मौलिक शिक्षा विभाग को नया सत्र शुरू होने से पहले इस गाइडलाइन का पालन कराने के लिए कहा है।
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फरीदाबाद के मौलिक शिक्षा अधिकारी ने प्राइवेट प्ले स्कूलों का रिकॉर्ड मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस रिकॉर्ड के आधार मानक पूरे हो रहे हैं या नहीं, इसके लिए सर्वे करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मानकों पर खरा न उतरने वाले स्कूलों को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। जानकारों की मानें तो जिले में 80 फीसदी स्कूलों को मानकों की जानकारी तक नहीं है।

तीन साल से कम उम्र में दाखिला नहीं
प्ले स्कूल संचालक ज्यादा आमदनी के लिए डेढ़ से दो वर्ष के बच्चों को एडमिशन दे देते हैं, लेकिन नियमानुसार तीन साल से कम उम्र के बच्चों को दाखिला नहीं दिया जा सकता। प्ले स्कूल में दाखिला देने की अधिकतम उम्र छह वर्ष निर्धारित है।

इन बिंदुओं पर होगी जांच
स्टाफ :  20 बच्चों पर एक टीचर की नियुक्ति अनिवार्य। इसी अनुपात में एक आया की नियुक्ति होनी चाहिए। प्ले स्कूल में खेल के दौरान बच्चों पर नजर रखने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति होनी चाहिए।

गौरव चौधरी आग से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्रों का विशेष प्रबंध जरूरी। स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगे होना अनिवार्य। स्कूल की दीवारों को दीमक से बचाने के लिए पेस्ट कंट्रोल होना चाहिए। बच्चों के लिए क्लास रूम और खेल के मैदान से अलग रेस्ट रूम होना जरूरी। कमरे हवादार होने चाहिए। कम ऊंचाई वाले सिंक, साफ तौलिए, सेनेटाइजर या साबुन व डस्टबीन की अनिवार्यता।

पढ़ाई :  ईसीसीई नीति 2013 के अनुसार तीन से चार घंटे बच्चों की पढ़ाई अनिवार्य। ऑडियो विजुअल लाइब्रेरी, खेल का सामान होना अनिवार्य।

स्वास्थ्य :  फर्स्ट एड किट के अलावा बच्चों से संबंधित दवाएं, ओरआरएस का घोल और प्रत्येक चार माह में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच का प्रबंध होना अनिवार्य।

रिकॉर्ड :  प्ले स्कूल में आने वाले बच्चों का पूरा रिकॉर्ड होना अनिवार्य। जिसमें फीस से लेकर स्वास्थ्य से जुड़े सभी बिंदुओं की जानकारी होना अनिवार्य। 


प्ले स्कूलों में नौनिहालों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। इसको ध्यान में रखते हुए दिसंबर में नई गाइडलाइन तैयार की गई। इसका पालन कराने के लिए हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग को कहा गया है। इसके साथ ही रिपोर्ट देने के निर्देश भी आयोग की तरफ से दिए गए हैं।-बालकृष्ण गोयल, सदस्य, बाल अधिकार संरक्षण आयोग, हरियाणा

सभी प्ले स्कूलों से रिकॉर्ड मांगा जा रहा है। पत्र लिखकर सभी को मानक पूरा करने के लिए कहा गया है। रिकॉर्ड के आधार पर सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मानकों पर खरा न उतरने वाले प्राइवेट प्ले स्कूलों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। जो स्कूल घरों में चल रहे हैं उन्हें बंद कराया जाएगा।-सतेंद्र वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी

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