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नर्सरी दाखिला: स्कूल अभिभावकों की करने लगे स्क्रीनिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 04 Jan 2017 10:58 AM IST
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file photo
- फोटो : अमर उजाला
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निजी स्कूलों में चल रही नर्सरी दाखिला प्रक्रिया में अभिभावक स्कूलों की मनमानी के आगे बेबस नजर आ रहे हैं। स्कूलों ने सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अभिभावकों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। स्कूल किसी न किसी नाम पर आय की जानकारी, विजिटिंग कार्ड, अभिभावकों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि, उनके अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन की जानकारी ले रहे हैं।
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नर्सरी की रेस में अभिभावकों की पहचान से स्कूल में बच्चों को पहचान (दाखिला) मिल रही है। इस तरह से स्कूल अभिभावकों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। मसलन, माता-पिता के अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय पुरस्कार से बच्चों को दाखिले में लाभ मिल रहा है। दाखिला प्रक्रिया के लिए स्कूलों के क्राइटेरिया (मानक) में ऐसे नियम शामिल किए गए हैं। अभिभावक सुमित ने बताया कि डीएवी पुष्पाजंलि आय का प्रमाणपत्र मांग रहे हैं।
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हमारी आय से बच्चे के दाखिले का क्या संबंध है। यदि हम आय का प्रमाण-पत्र नहीं दें तो क्या फॉर्म नहीं भर सकते। वहीं एक अन्य अभिभावक शिवानी ने बताया कि जनकपुरी स्थित एक स्कूल ने फॉर्म के साथ पिता के विजिटिंग कार्ड लगाने की बात कही है। सालवान मांटेसरी स्कूल में कुल 140 सीटें हैं इनमें से सामान्य के लिए 70 सीट हैं।
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स्कूल ने 25 अंक ऐसे अभिभावकों के लिए रखे हैं जो अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजे जा चुके हैं, राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए 15, राज्य स्तर के पुरस्कार के लिए 10 अंक दिए जा रहे हैं। एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा का कहना है कि स्कूल किसी न किसी नियम को आधार बनाकर अभिभावकों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। यह शिक्षा निदेशालय की गाइडलाइंस का उल्लंघन है।