नर्सरी दाखिला 2019-20: 15 दिसंबर से शुरू होगी अभिभावकों की दौड़, एक क्लिक में पाइए पूरी जानकारी
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राजधानी के निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2019-20 के अंतर्गत नर्सरी क्लास (एंट्री लेवल) में दाखिले के लिए शिक्षा निदेशालय ने गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। गाइडलाइंस के अनुसार सामान्य सीटों (ओपन सीट) के लिए दाखिला प्रकिया की शुरुआत 15 दिसंबर से होगी।
इस दिन से स्कूलों में आवेदन के लिए फॉर्म मिलने शुरू होंगे। इस बार दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत जल्द हो रही है। स्कूलों में फॉर्म 7 जनवरी तक जमा कराए जा सकेंगे। शिक्षा निदेशालय ने फिलहाल सामान्य वर्ग के लिए गाइडलाइंस जारी की है। ईडब्ल्यूएस और वंचित वर्ग के लिए अलग से गाइडलाइंस जारी की जाएंगी।
निदेशालय की गाइडलाइंस के अनुसार स्कूल दाखिले के लिए खुद से मानक तय कर सकते हैं। इनमें सिबलिंग नेबरहुड, एलुमिनी, सिंगल पैरेंटस जैसे मानक शामिल होंगे। शिक्षा निदेशक संजय गोयल के अनुसार स्कूल जो भी मानक तय करेंगे वह भेदभाव रहित और पारदर्शी होने चाहिए।
गाइडलाइंस के अनुसार किसी स्थिति में ड्रॉ करने पर उसे अभिभावकों की मौजूदगी में ही किया जाएगा। निदेशालय ने गाइडलाइंस में कहा है कि प्रवेश स्तर पर सीटों की संख्या बीते तीन सालों के दौरान सीटों की संख्या से कम नहीं होनी चाहिए।
शेड्यूल में निजी स्कूल नहीं कर सकते बदलाव, ये हैं सभी तारीखें
प्री स्कूल (नर्सरी) में दाखिले की आयु 31 मार्च 2019 तक चार साल से कम होनी चाहिए। प्री प्राइमरी (केजी) के लिए आयु 31 मार्च तक पांच वर्ष से कम व पहली कक्षा के लिए 31 मार्च तक छह वर्ष से कम होनी चाहिए।
गाइडलाइंस में कहा गया है कि स्कूलों को प्रत्येक बच्चे की जानकारी मानक में मिले अंकों के साथ शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। शिक्षा निदेशक संजय गोयल के अनुसार निदेशालय की ओर से जो दाखिला शेड्यूल जारी किया गया है, उसमें निजी स्कूल बदलाव नहीं कर सकते हैं।
स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वह दाखिला फॉर्म जमा कराने (7 जनवरी तक) तक प्रत्येक बच्चे को दाखिला फॉर्म उपलब्ध कराएं। फॉर्म के नाम पर स्कूल पंजीकरण फीस के रूप में 25 रुपये से ज्यादा नहीं वसूल सकेंगे। स्कूल प्रोस्पेक्टस लेना वैकल्पिक होगा।
नर्सरी दाखिले का शेड्यूल
- दाखिले के लिए फॉर्म मिलने शुरू होंगे 15 दिसंबर
- फॉर्म जमा कराने की अंतिम तिथि 07 जनवरी
- वेबसाइट पर आवेदन करने वालों की सूची 21 जनवरी
- सभी बच्चों की अंकों के साथ सूची 28 जनवरी
- पहली सूची (प्रतीक्षा सूची के साथ) 04 फरवरी
- सूची पर अभिभावकों की समस्या का समाधान 5-12 फरवरी
- दूसरी सूची (प्रतीक्षा सूची के साथ) 21 फरवरी
- सूची पर अभिभावकों की समस्या का समाधान 22-28 फरवरी
- यदि अन्य कोई सूची जारी करनी हो 15 मार्च
- दाखिला प्रक्रिया समाप्त करने की तिथि 31 मार्च
गाइडलाइंस के प्रमुख बिंदु, यह दस्तावेज होंगे मान्य
2. स्कूल का प्रोस्पेक्टस खरीदना अनिवार्य नहीं
3. स्कूल अभिभावकों से डोनेशन नहीं वसूल सकते
4. 62 मानकों पर प्रतिबंध लगाया हुआ उन्हें शामिल नहीं किया जा सकता
5. ड्रॉ करने के लिए बच्चे की नाम की स्लिप अभिभावकों को दिखाकर बॉक्स में डालनी होगी
यह दस्तावेज होंगे मान्य
1. अभिभावक के नाम का राशन कॉर्ड
2. बच्चे व अभिभावक के नाम का डोमिसाइल प्रमाणपत्र
3. अभिभावक का वोटर आई-कार्ड
4. बिजली का बिल, टेलीफोन का बिल, पानी का बिल व बच्चे के नाम का पासपोर्ट
5. माता या पिता के नाम का आधार कार्ड
अभिभावकों के पास सिर्फ रेंट एग्रीमेंट तो बच्चे का दाखिला मुश्किल
राजधानी में किराये पर रहने वाले अभिभावकों के लिए निजी स्कूलों में नर्सरी में दाखिला परेशानी का कारण बन सकता है। यदि दस्तावेज के नाम पर उनके पास सिर्फ रेंट एग्रीमेंट है तो उनके बच्चे का दाखिला मुश्किल हो जाएगा।
दरअसल स्कूल रेंट एग्रीमेंट को दस्तावेज के रूप में स्वीकार नहीं करते हैं। ऐसे अभिभावकों के पास उस जगह का एमटीएनएल बिल या फिर आधार कार्ड होना जरूरी है। कुछ स्कूल आवेदन के समय दस्तावेज के रूप में दो-दो एड्रेस प्रूफ मांगते हैं। शिक्षा निदेशालय की जरूरी दस्तावेज की सूची में रेंट एग्रीमेंट शामिल नहीं था, स्कूलों ने भी इसे नहीं माना था।
ऐसे में जो अभिभावक किराये पर रहते हैं उन्हें इस दस्तावेज के अलावा अन्य दस्तावेज को घर के पते के विकल्प के रूप में तैयार करवा कर रखना होगा। यदि घर पर एमटीएनल का फोन नहीं लगा तो वह लगवा लें। इस बिल पर घर के पते की जानकारी होगी और वह दस्तावेज में काम आ सकता है।
यदि यह भी संभव नहीं है तो किराये वाले घर के पते पर आधार को हस्तांतरण करा लें। आधार कार्ड में पता बदलवाना आसान है। मोबाइल बिल को स्कूल स्वीकार नहीं करते हैं। बीते साल देखने में आया है कि कुछ स्कूलों ने नोटरी से बने शपथ पत्र की जगह एसडीएम की ओर से जारी शपथ पत्र को ही स्वीकार किया। कुछ स्कूलों ने आवेदन के समय ही शपथ पत्र की कॉपी भी ले ली थी। ऐसे में अभिभावकों को सभी जरूरी दस्तावेज अभी से तैयार करने होंगे।
बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं, इन प्रमाणपत्रों को करवाना होगा तैयार
निजी स्कूलों में नर्सरी में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया दिसंबर में शुरू होने जा रही है। स्कूलों में नर्सरी दाखिले के लिए कई छोटे-बड़े दस्तावेज की जरूरत पड़ती है। एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। इसे घर के पते के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। वर्ष 2017 में कुछ स्कूलों ने आधार कार्ड को अनिवार्य दस्तावेज बनाया था।
इन प्रमाणपत्रों को करवाना होगा तैयार
1. जन्म प्रमाण पत्र ( एमसीडी या समकक्ष मान्यता की ऑथोरिटी से जारी)।
2. रिहायशी प्रमाण पत्र (पासपोर्ट, बिजली का बिल, आधार कार्ड, टेलीफोन का बिल, पानी का बिल, वोटर आईडी)।
3. गर्ल चाइल्ड व फर्स्ट चाइल्ड की स्थिति में अभिभावकों की ओर से सर्टिफिकेट या हलफनामा।
4. एकल अभिभावक होने पर भी देना होगा हलफनामा।
5. सिबलिंग के मामले में पहले से स्कूल में पढ़ रहे बच्चे के आईडी कार्ड की फोटोकॉपी।
6. विशेष छात्र होने पर संबंधित प्रमाणपत्र।
7. स्थानांतरण के मामले में संबंधी दस्तावेज।
8. छात्र के साथ अभिभावकों के पासपोर्ट साइज फोटो भी।
9. एल्युमिनाई के मामले में एल्युमिनाई कार्ड।
10. आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के छात्रों के अभिभावकों का आय प्रमाण पत्र (ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर, व ओबीसी)
11. बच्चे का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (सरकारी अस्पताल का) व इम्यूनाइजेशन कार्ड।
सेल में कर सकेंगे स्कूलों की शिकायत
दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले की दौड़ 15 दिसंबर से शुरू होने जा रही है। निदेशालय के मानकों का पालन कराने के लिए जिला उप शिक्षा निदेशक के नेतृत्व में हर जिले में मॉनिटरिंग सेल स्थापित किए जाएंगे।
अभिभावक यहां स्कूलों की किसी भी तरह की मनमानी जैसे फीस में वृद्धि, डोनेशन आदि की शिकायत सीधे दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों को इनका समाधान निकालना होगा।
स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए गठित सेल देखेगा कि निदेशालय के ऑनलाइन मॉड्यूल पर तय समय में बिंदुवार मानक अपलोड हों। स्कूल को हर मानक के लिए अंक भी तय करने होंगे। मानक अपलोड करने के लिए शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को 14 दिसंबर की समय-सीमा दी है।
तय समय में मानक अपलोड न करने पर संबंधित जिले के अधिकारी कार्रवाई करेंगे। सेल सुनिश्चित करेगी कि खत्म किए गए मानक स्कूल अपनी सूची में न रखें। सेल के अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि स्कूल दाखिले में पूरी तरह पारदर्शिता बरतें।
इन सेल के माध्यम से अभिभावक नर्सरी दाखिले से संबंधित अपनी किसी प्रकार की भी समस्या की शिकायत ऑनलाइन www.edudel.nic.in पर करा सकेंगे। इनमें फार्म की अधिक कीमत वसूलने, पारदर्शिता न बरतने, दाखिले में प्वाइंट सिस्टम न बताने, स्कूल के इंटरव्यू लेने से लेकर अन्य तमाम तरह की शिकायतें शामिल होंगी।