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नर्सरी दाखिला प्रक्रिया अधर में, दाखिले के लिए स्कूल तैयार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 13 Dec 2016 11:14 AM IST
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राजधानी के निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2017-18 में दाखिले के लिए नर्सरी दाखिला प्रक्रिया अधर में लटकती नजर आ रही है। शिक्षा निदेशालय की ओर से दाखिले की गाइडलाइंस जारी न होने के कारण इसमें देरी की संभावना है।
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दरअसल बीते साल शिक्षा निदेशालय ने नर्सरी दाखिले का शेड्यूल व दाखिले से जुड़ी जानकारी दिसंबर के प्रथम सप्ताह में जारी कर दी थी। जिसके अनुसार 1 जनवरी से दाखिले शुरू किए जाने थे।
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इस बार दाखिला प्रक्रिया 15 दिसंबर से शुरू होने की संभावना थी। लेकिन सरकार और स्कूलों के बीच दूरी मानक को लेकर पेच फंसता दिख रहा है। इस कारण यह प्रक्रिया शुरू होती नहीं दिख रही है।
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निजी स्कूलों का कहना है कि दाखिला प्रक्रिया शुरू करने को लेकर उनकी तैयारी पूरी है, लेकिन सरकार की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन अध्यक्ष व निजी स्कूलों की लीगल एक्शन कमेटी के उपाध्यक्ष आर.सी जैन ने कहा कि सरकार चाहती है कि घर व स्कूल के एक किलोमीटर के बीच रहने वाले सभी बच्चों को दाखिला दिया जाए।
केवल इस मानक के कारण स्कूल अपना क्राइटेरिया तय नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण देरी हो रही है। हालांकि स्कूल दाखिले के लिए 100 अंक फॉर्मूले में भाई-बहन, पूर्व छात्र (अभिभावक), एकल कन्या, व अन्य मानकों को शामिल करेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि निजी स्कूल प्वाइंट सिस्टम बना सकते हैं, जिसके लिए उन्हें शिक्षा निदेशक से मंजूरी लेनी आवश्यक है। साथ ही एक बार क्राइटेरिया बना देने के बाद स्कूल उसमें कोई फेरबदल नहीं कर सकते हैं।
पब्लिक स्कूल क्राइटेरिया बनाते समय कई पहलुओं का ध्यान रखते हैं लेकिन फिर भी हर साल दाखिला प्रक्रिया किसी न किसी तरह बाधित की जाती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 के बाद डीडीए ने स्कूलों को जगह आवंटित नहीं की और सरकारी स्कूलों की भी कमी होती गई।
दिल्ली में हर साल बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से लोग आ रहे हैं जिस कारण से नए स्कूल बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन, डीडीए और दिल्ली सरकार व शहरी विकास मंत्रालय से एक समिति का गठन करने की मांग की है ताकि समस्या का समाधान हो सके।