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नर्सरी दाखिला : नेबरहुड नीति पर फैसला 27 को 

Mon, 27 Feb 2017 04:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 27 Feb 2017 04:23 PM IST
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nursery admission in delhi decision on neighbourhood policy is to be on 27th feb
नर्सरी दाख‌िला प्रक्र‌िया शुरु

नर्सरी दाखिलों में नेबरहुड नीति रहेगी या नहीं, हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट के ही सिंगल जज के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने नेबरहुड नीति को खारिज कर स्कूलों को अपनी नीति के तहत दाखिला देने की छूट प्रदान की थी।

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मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार, स्कूलों की एसोसिएशन व जस्टिस फॉर ऑल के तर्क सुनने के बाद कहा कि वे इस मामले में अपना निर्णय 27 फरवरी को देंगे। खंडपीठ ने हाल ही में सस्ती दरों पर भूमि लेने वाले 298 स्कूलों को अपनी नीति से ही फिलहाल दाखिल प्रक्रिया जारी रखने की छूट दी थी।
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अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया था कि दाखिला प्रक्रिया उनके अंतिम निर्णय पर निर्भर होगी। नर्सरी मामले में फॉर्म भरे जा चुके हैं और दाखिलों के लिए स्कूलों की पहली लिस्ट संभवत: 28 फरवरी को आएगी। इसी के ध्यानार्थ अदालत ने निर्णय 27 फरवरी को सुनाना तय किया है।
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दिल्ली सरकार व उपराज्यपाल की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल संजय जैन ने तर्क रखा है कि सिंगल जज का फैसला पूरी तरह से गलत, दोषपूर्ण व कानून के खिलाफ है। ऐसे में इसे खारिज किया जाना जरूरी है।

सरकार ने कहा कि जिस प्रकार से स्कूलों को उनके द्वारा तय दिशा-निर्देशों पर बच्चों को दाखिला देने की छूट दी गई है उससे वे अपनी मनमर्जी करेंगे। इसके अलावा सिंगल जज ने जो तर्क दिए हैं वे आधारहीन और तय तथ्यों के विपरीत है।


जबकि सिंगल जज ने अपने फैसले में सरकार की नीति को असंवैधानिक व मनमाना करार देते हुए नेबरहुड नीति से दाखिलों पर रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा था कि इस नीति से कुछ लोगों को ही लाभ होगा। निजी स्कूलों ने भी तर्क रखा था कि मात्र 298 स्कूलों में नीति लागू करने से कुछ नहीं होगा, जबकि 1400 स्कूलों को इस नीति से अलग रखा गया है।

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