नर्सरी दाखिला : 15 फरवरी को जारी होगी पहली सूची, साथ ही प्रतीक्षा सूची भी होगी ऑउट
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नर्सरी में सत्र 2018-19 में दाखिले के लिए पैरेंट्स की भागमभाग फिर शुरु होने जा रही है। 15 फरवरी को कई छोटे-बडे स्कूल दाखिले के लिए पहली सूची जारी करने जा रहे हैं। सूची जारी होते ही सुस्त पड़ी दाखिले की रफ्तार एक बार फिर से जोर पकड़ लेगी और फीस जमा होने तक यह सिलसिला जारी रहेगा।
अभिभावक पहली सूची में नाम ना देख कर घबराएं नहीं। दूसरी सूची में भी उनके पास दाखिले का चांस रहेगा। स्कूल आज पहली सूची जारी करेंगे इसके साथ ही प्रतीक्षा सूची भी होगी।
इसके साथ ही अभिभावकों को 16 फरवरी से 20 फरवरी तक का समय मिलेगा जिसमें वह सूची को लेकर अपनी समस्या का समाधान करा सकेंगे। सूची जारी होते ही स्कूलों में फीस जमा कराने का दौर शुरु हो जाएगा। फीस जमा कराने के लिए अभिभावकों को तीन से चार दिन का समय मिलेगा।
पहली सूची में दाखिला लेने में कोताही न बरतें
जिन भी अभिभावकों के बच्चों का नंबर पहली सूची में आ जाए वह तुरंत दाखिला लेकर तुरंत सीट पक्की कर लें। काफी अभिभावक 10-15 स्कूलों में आवेदन करते हैं।
उनकी कोशिश रहती है कि यदि पहले किसी अच्छे स्कूल में नाम नहीं आता तो वह दूसरी सूची का इंतजार करते हैं। दूसरी सूची में अच्छे स्कूल में दाखिले की उम्मीद के कारण दाखिले से वंचित रह जाते हैं।
अभिभावकों को चाहिए वह स्कूल दरा निर्धारित समय के भीतर ही दाखिला करा लें। यदि समय बीत गया तो उन्हें किसी भी सूरत में प्राथमिकता नहीं मिल पाएगी। बाद में प्रतीक्षा सूची में आने वाले बच्चों को दाखिले का अवसर दिया जाता है।
नाम न आने पर परेशान न हो अभिभावक
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा की सलाह है कि नाम न आने पर अभिभावक परेशान न हो। स्कूलों की आज जारी होने वाली पहली सूची में ऐसे पैरेंट्स काफी संख्या में होंगे जिनके बच्चों का नाम सूची में नहीं होगा।
ऐसे पैरेट्सं हैरान परेशान न हो। क्योंकि एक-एक बच्चे का नाम दो-तीन स्कूल या उससे अधिक स्कूलों में आ जाता है। ऐसे में अभिभावक किसी एक स्कूल में ही दाखिला लेते हैं। जिसकारण कई स्कूलों में सीटें खाली भी रहेगी। जिसका फायदा प्रतीक्षा सूची के बच्चों को होगा।
लॉटरी को लेकर अभिभावकों की शिकायतें
लॉटरी में इस बार स्कूलों ने खूब मनमानी की है। अभिभावकों की शिकायत है कि उनकेसामने लॉटरी नहीं निकाली गई, ना ही लॉटरी की वीडियोग्राफी कराई गई। ऐसे में उन्हें दाखिले को लेकर असमंजस है कि दाखिला होगा या नहीं। कई अभिभावकों को यह संदेश भी नहीं दिया गया कि लॉटरी निकाली जा रही है।