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DU: स्पोर्ट्स दाखिले में नहीं होगा कॉमन फिटनेस टेस्ट

Wed, 12 Apr 2017 09:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 12 Apr 2017 09:22 PM IST
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no fitness test for sports quota admission in delhi university
demo pic - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2017-18 में स्नातक कोर्सेज में स्पोर्ट्स कोटे के दाखिलों में इस बार बड़े अहम बदलाव होने जा रहे हैं। अब तक होने वाला कॉमन फिटनेस टेस्ट इस बार नहीं होगा। इस टेस्ट की बजाए खेल (गेम्स) पर आधारित एक फिटनेस टेस्ट होगा। 

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इस टेस्ट में छात्र की उस खेल की परख को देखा जाएगा। वहीं इस बार स्पोटर्स कोटे के दाखिले 50-50 के फॉर्मूले पर नहीं बल्कि 60-40 के फॉर्मूले पर होंगे। वहीं इस बार ट्रॉयल में पास होने केलिए न्यूनतम अंकों की अनिवार्यता में भी बदलाव किए गए हैं। 
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स्पोर्ट्स काउंसिल चेयरमैन प्रो. सी.एस दुबे के मुताबिक स्पोर्ट्स कोटे की दाखिला प्रक्रिया के लिए न केवल बदलाव किए जा रहे हैं बल्कि प्रक्रिया पारदर्शी भी होगी। इस बार चार तरह के बदलाव किए गए हैं। पहला कॉमन फिटनेस टेस्ट की जगह खेल आधारित फिटनेस टेस्ट होगा। इससे छात्र की उस खेल को लेकर फिटनेस का पता लग सकेगा। 
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दूसरा इस बार से ट्रॉयल व सर्टिफिकेट की वेटेज में बढ़ोतरी की गई है। बीते साल तक खेल कोटे केदाखिले में ट्रॉयल व स्पोर्ट्स की वेटेज 50-50 फीसदी थी। इस बार ट्रायल की वेटेज को बढ़ाकर 60 फीसदी किया गया है और 40 फीसदी वेटेज सर्टिफिकेट की होगी। तीसरा बदलाव यह होगा कि बीते साल तक ट्रॉयल की 50 फीसदी वेटेज में कम से कम 25 अंक लाना अनिवार्य था।

 इस बार छात्र को 60 अंकों में से कम से कम 30 अंक लाना अनिवार्य होगा। ट्रॉयल में खेल के अंक, फंडामेंटल स्किल, व प्लेयिंग ऐबिलिटी के अंकों को शामिल किया जाएगा। हालांकि यह अभी तय नहीं हुआ कि इनमें किस स्तर पर कितने अंक निर्धारित होंगे। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है। 


इसके लिए चौथा बदलाव यह किया जा रहा है कि इस बार दस्तावेजों का सत्यापन भी ऑनलाइन किया जाएगा। जबकि बीते साल यह मैनयूअल किया गया था। बीते साल दस्तावेजों के सत्यापन में लंबा समय लगा था। ऐसे में प्रशासन चाहता है कि दस्तावेजों केसत्यापन का काम जल्दी व आसानी से पूरा हो जाए। 

उल्लेखनीय है कि बीते साल स्पोट्र्स केदाखिले के लिए आवेदन ऑनलाइन लिए गए थे। जिसके बाद इस साल दस्तावेजों के सत्यापन का काम भी ऑनलाइन किया जाएगा। 

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