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75 फीसदी से कम अंक वालों को नहीं मिलेगा हॉस्टल

Fri, 07 Jul 2017 09:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Fri, 07 Jul 2017 09:01 PM IST
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no admission to students who gets less than 75 percent marks
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कॉलेजों में दाखिले के साथ हॉस्टल की दौड़ शुरू हो गई है। कोर्स में हाई कटऑफ का असर अब हॉस्टल की सीट पर भी दिखने लगा है।  सेक्टर-14 स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज में 75 फीसदी से कम अंक वाले छात्राओं को हॉस्टल नहीं मिलेगा। सभी हाई कटऑफ को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने 10 जुलाई से हॉस्टल के लिए शुरू कर रहे आवेदन प्रक्रिया में 75 फीसदी से कम अंक वाले छात्राओं को आवेदन करने से मना कर दिया है। 

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में हाई कटऑफ होने की वजह से दिल्ली और दूसरे प्रदेशों के विद्यार्थियों ने शहर के कॉलेजों में आवेदन किया है। छात्राओं के लिए सेक्टर-14 गर्वमेंट गल्र्स कॉलेज और द्रोणाचार्य राजकीय कॉलेज में हॉस्टल है। छात्राओं की संख्या के मुकाबले कॉलेजों में हॉस्टल की सीट बहुत कम है। एक-एक सीट पर कई छात्राएं दावेदार है। जिन छात्राओं को हॉस्टल में रहकर पढना है, उसके लिए सेक्टर-14 कॉलेज ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दिया है, जबकि द्रोणाचार्य कॉलेज में एक सप्ताह के अंदर यह प्रक्रिया शुरू होगी।
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 छात्राओं के आवेदन के साथ अपनी दाखिला से संबंधित सभी दस्तावेज और मेरिट बतानी होगी। मेरिट में उपलब्ध छात्राओं के आधार और दूरी को ध्यान में रखकर हॉस्टल दिए जाते हैं। कम से कम 40 किलोमीटर की दूरी की शर्त भी रखी गई है। बता दें कि शहर के हॉस्टल वाले कॉलेजों में हरियाणा जनरल कैटेगरी के मुकाबले ऑल इंडिया कैटेगरी में हाई कटऑफ गया है। ऑल इंडिया कैटेगरी में दिल्ली और दूसरे प्रदेशों के छात्राओं ने आवेदन किया है। ऐसे में अधिक संभावना ऑल इंडिया कैटेगरी के छात्राओं की ज्यादा है।     
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यह है मौजूदा स्थिति
-राजकीय महिला कॉलेज सेक्टर-14 में करीब सात हजार छात्रों के लिए महज चार हॉस्टल है। जिनमें 700 छात्राओं के रहने का इंतजाम है। द्रोणाचार्य राजकीय कॉलेज छात्राओं के लिए बने हॉस्टल में 109 कमरों में 100 सीट है। जिसे छात्राओं की मांग पर बढ़ाकर 200 किया जा सकता है। हर कमरे का विभाजन कर दो बेड लगाए जाएंगे। 

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