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फरीदाबाद को मिलेंगे 723 नवनियुक्त जेबीटी शिक्षक

Sat, 29 Apr 2017 12:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 29 Apr 2017 12:08 PM IST
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newly appointed jbt teachers in faridabad
जॉब्स - फोटो : IBTimes

प्रदेश सरकार ने वर्ष 2014 बैंच के जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ कर दिया है। अब तीन वर्ष बाद इन शिक्षकों को नियुक्ति मिलने वाली है। जिले के 723 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति से प्राथमिक कक्षाओं में छात्र शिक्षक अनुपात सही हो जाएगा। 

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बृहस्पतिवार को सूची जारी होने के बाद शुक्रवार को जिला शिक्षा विभाग में दस्तावेज जमा कराने के लिए प्रदेश से जेबीटी शिक्षकों का जमावड़ा रहा। कुछ जेबीटी शिक्षक आनन फानन में आधी अधूरी तैयारियां के साथ पहुंचे थे। ऐसे में शपथ पत्र बनाने के लिए सेक्टर 12 एवं फाइल तैयार करने के लिए स्टेशनरी एवं अन्य दुकानों तक दौड़ लगानी पड़ी। 
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वहीं शुक्रवार को राजपत्रित अवकाश घोषित होने के कारण जिला शिक्षा विभाग एवं मौलिक शिक्षा विभाग कार्यालय बंद रहा। ऐसे में अलग से कांउटर शुरू कर पांच कर्मचारियों को दस्तावेज जमा कराने के लिए लगा दिया। हालांकि शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं था। 
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शिक्षा विभाग का नहीं मिला साथ, परेशान हुए शिक्षक
विभाग ने छुट्टी के चलते प्रदेश से आने वाले सात सौ शिक्षकों के लिए पानी एवं बैठने की व्यवस्था तक नहीं की है। दोनों कार्यालय पर ताला जड़ा रहा। शिक्षक तेज गर्मी में पेड़ के नीचे तो कुछ यहां वहां बैठकर अपना समय बिताया। दस्तावेज को पूर्ण करने में विभाग की तरफ से कोई मदद नहीं की गई। 

सोमवार को फिर आना पड़ेगा शिक्षकों को 
सूची जारी होने के बाद विभाग ने दस्तावेज जमा करने का काम पांच बजे तक पूरा किया, लेकिन शिक्षकों को सोमवार को फिर से बुलाया है ताकि उनका सत्यापन किया जा सकें। उसके बाद उनको नियुक्ति दी जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने कमेटी का गठन कर लिया है। शुक्रवार को शिक्षकों का मेडिकल नहीं हो सका। 

महिला शिक्षक पहुंची अपने बच्चों के साथ
सूची जारी होने के बाद महिला जेबीटी शिक्षक भी अपने छोटे बच्चों के साथ पहुंची। वहां पर उनके बच्चों के लिए पीने की पानी की व्यवस्था तक नहीं थी। महिला शिक्षक एक तरफ दस्तावेज को पूर्ण करने का कार्य कर रही थी, वहीं बच्चों को संभालने के साथ तेज गर्मीं में पानी पिलाने का कार्य कर रही थी। 


शिक्षकों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था एवं बैठने के लिए दरी की व्यवस्था संघ ने की। शिक्षा विभाग की तरफ से व्यवस्था क्यों नहीं की गई, इसकी हमें जानकारी नहीं है। हमारी तरफ से शिक्षकों को सहयोग के लिए लगाया गया था। 
-चत्तर सिंह, प्रधान, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
 

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