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आवेदन के लिए नेट कैफे पर लाइन, छात्र संगठनों ने भी फैलाया सियासी जाल

Thu, 02 Jun 2016 01:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 02 Jun 2016 01:02 AM IST
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Net cafe for application on-line, student organizations also spread political trap
दिल्ली विश्वविद्यालय दाखिले - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली विश्वविद्यालय में शुक्रवार से शुरू हुई दाखिला प्रक्रिया के तहत डीयू के विभिन्न छात्र संगठनों ने छात्रों की मदद के नाम पर अपनी राजनीति शुरू कर दी है। नए छात्रों को अपने संगठन से जोड़ने के लिए कैंपस में विभिन्न छात्र संगठनों ने अपने-अपने हेल्प डेस्क लगाए।

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जहां संगठन की ओर से उन्हें दाखिले से जुड़ी जानकारी दी जाती रही। डीयू की दाखिला प्रक्रिया शुरू होते ही विभिन्न छात्र संगठन एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। एबीवीपी हो या एनएसयूआई या फिर सीवाईएसएस सभी ने छात्र सहायता काउंटर्स खोल दिए हैं। 
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इन सेंटर्स पर संगठनों द्वारा छपवाईं गई सूचना पुस्तिकाएं भी छात्रों को दी जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि इन हेल्प सेंटरों केबहाने छात्र संगठनों की नजर डूसू चुनावों पर रहती है। जिससे कि वह नए छात्रों को अपने संगठन से जोड़ कर उनका वोट हासिल कर सकें। 

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कैफे पर सुविधाओं के चलते लगनी लगी भीड़

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ऑनलाइन फॉर्म भरते छात्र - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली विश्वविद्यालय की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही आसपास के इलाकों के नेट कैफे पर पहले दिन ही छात्रों की लाइन लग गई। इन नेट कैफे पर बकायदा पोस्टर लगाए गए, जिससे कि छात्र फॉर्म भरने के लिए इन कैफे का सहारा लें। 

डीयू के पास पटेल चेस्ट इलाके में बड़ी संख्या में फोटो स्टेट व कैफे हैं। जैसे ही आवेदन प्रक्रिया शुरु हुई वैसे ही वहां छात्रों की भीड़ बढ़ने लगी। सामान्य के लिए 100 रुपये में व आरक्षित श्रेणी के छात्रों सेपचास रुपये लेकर फॉर्म भरवाए गए।

छात्रों के लिए सुविधा की बात यह रही कि उन्हें कैफे में ही अपने दस्तावेज की फोटो कॉपी, स्कैन करने की सुविधा  मिल गई। हालांकि इस कारण से कैफे वालों को कमाने का एक धंधा मिल गया है। 

इन कैफे पर मौजूद लोग छात्रों के फॉर्म भरते रहे। इस कारण से छात्रों को फॉर्म भरने में दिक्कत नहीं हुई। कैफे पर पहुंची एक छात्रा ने बताया कि घर पर नेट की सुविधा होने के कारण वह फॉर्म नहीं भर सकती। ऐसे में उन्होंने कैफे का सहारा लिया है। यहां 100 रुपये फॉर्म की फीस और 100 रुपये फॉर्म भरवाने के चुका कर काफी झंझटों से मुक्ति मिल रही है। 

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