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नीट-2 परीक्षा: लड़कों के जूते उतरवाए, लड़कियों की ज्वेलरी

Mon, 25 Jul 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Mon, 25 Jul 2016 12:00 AM IST
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NEET examination: removed shoes of boys and girls jewelry

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा रविवार को साइबर सिटी में नीट-2 (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) की परीक्षा हुई। 12 केंद्रों पर करीब छह हजार छात्रों ने परीक्षा दी। इसके लिए बोर्ड ने सख्त इंतजाम किए थे। परीक्षा के लिए बकायदा ड्रेस कोड तय था, लेकिन जिन्होंने पालन नहीं किया, उन्हें फजीहत उठानी पड़ी। परीक्षा केंद्रों पर लड़कों के जूते उतरवा दिए गए तो लड़कियों को ज्वेलरी पहन कर नहीं जाने दिया गया। रूमाल और पर्स तक बाहर रखवा दिया गया। बता दें कि बोर्ड की ओर से एडमिट कार्ड में ही ड्रेस कोड तय कर दिया गया था। चप्पल और बिना ज्वेलरी व पेन के फॉर्मल ड्रेस में आने का आदेश दिया गया था।

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छात्रों को किसी भी सामान को लेकर जाने पर पाबंदी रही, कलम तक बाहर रखवा दिए गए। इस बार नकल का कोई भी मामला सामने नहीं आया। शहर में यहां के छात्रों के अलावा फरीदाबाद, मेवात, झज्जर और दिल्ली के छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया था। सुबह से ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र पर पहुंचने लगे थे। परीक्षा मेें किसी तरह की नकल न हो, इसके लिए बोर्ड ने फूंक-फूंक कर कदम रखा। सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे।
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सुबह 8.30 बजे रिपोर्टिंग टाइम होने के कारण छात्र तड़के से ही पहुंचने लगे थे। कान की रिंग और ज्वेलरी पहनी छात्राओं से यह सब उतरवा लिया गया। इस बार किसी भी सामान को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। जबकि पिछले वर्ष स्कूल के अंदर ही रखने का इंतजाम कराया गया था। प्रवेश के साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की वीडियोग्राफी कराई गई। कलम भी परीक्षा केंद्रों की ओर से मुहैया कराया गया। देर से पहुंचने वाले कई छात्र परीक्षा नहीं दे पाऐ, पूरे जिले में करीब 60 फीसदी छात्राएं थीं।
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छात्रों की मानें तो फिजिक्स थोड़ा आसाना था, जबकि बायोलॉजी अधिक कठिन था। जिसे हल करने में काफी दिक्कत हुई। छात्रा नेहा ने बताया कि डेरिवेशन आधारित प्रश्न सीधे नहीं होकर घुमावदार थे। जबकि विशेषज्ञों की मानें तो दो प्रश्न को छोड़कर सभी प्रश्न औसत थे। जिन्होंने प्रैक्टिस सेट हल किया होगा, उन्हें दिक्कत नहीं हुई होगी।

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