नीट 2017: छात्रों को भाया पेपर, बस फिजिक्स ने उलझाया
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस/बीडीएस में दाखिले के लिए आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेस टेस्ट (नीट) रविवार को शांतिपूर्वक संपंन हो गया। ऑफलाइन हुई परीक्षा सुबह दस बजे से शुरू होकर दोपहर एक बजे तक चली। 180 सवाल वाला यह पेपर छात्रों को खूब भाया। मगर फिजिक्स के कैलकुलेशन वाले सवालों ने उन्हें थोड़ा उलझाकर रखा। मगर छात्र खुश थे कि सभी सवाल सिलेबस से आए थे जैसी उनकी अपेक्षा थी।
नीट 2017 के लिए कुल 11 लाख 35 हजार 104 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। यह परीक्षा देशभर के 65 हजार एमबीबीएस और 25 हजार बीडीएस सीटों पर दाखिले के लिए आयोजित किया गया। है। फिजिक्स, केमेस्ट्री, जूलॉजी और बॉटनी सभी प्रश्नपत्र में कुल 45-45 सवाल पूछे गए थे। एक सही सवाल पर चार अंक और एक गलत जवाब पर एक अंक माइनस हो जाएगा। सीबीएसई इसका आंसर शीट जारी करेगी मगर कोई तिथि नहीं बताई है। परीक्षा परिणाम आगामी 8 जून को घोषित किए जाएंगे।
परीक्षार्थियों ने बताया कि पिछले साल की तुलना में पेपर टफ था लेकिन सिलेबस से सवाल पूछे जाने के कारण उन्हें यह पेपर अच्छा लगा। बस फिजिक्स का पेपर बाकी तीन पेपर की तुलना में कठिन था। विशेषज्ञों ने बताया कि फिजिक्स में कैलकुलेशन बेस्ड सवाल ज्यादा थे। इसलिए छात्रों को उसमें ज्यादा समय देना पड़ा। फिजिक्स में 21 सवाल ही 11वीं और 12वीं के सिलेबस से पूछे गए थे। इसके अलावा केमेस्ट्री में 24 सवाल 12वीं तो 21 सवाल 11वीं से बॉयोलॉजी में 44 सवाल 11वीं तो 46 सवाल 12वीं से पूछे गए थे।
बताते चले कि नीट देशभर के 104 शहरों में 1921 परीक्षा केंद्रो पर आयोजित की गई। बीते साल 8 भाषा की तुलना में इस बार 10 भाषाओं में पेपर उपलब्ध कराएं गए। परीक्षा केंद्र पर गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। सुबह साढ़े सात बजे से साढ़े नौ बजे तक प्रवेश दिया गया। सीबीएसई का कहना है कि अगर किसी छात्र को किसी सवाल पर आपत्ति है तो वह सवाल पूछने के लिए 1000 रुपये देने होंगे। यह ऑनलाइन जमा होगा। अगर उसकी आपत्ति सही पाई जाती है तो उसका पैसा वापस कर दिया जाएगा। आपत्ति गलत होने पर पैसे वापस नहीं मिलेंगे।
फुल बाजू वाले कपड़े काटे गए तो जूते उतारकर नंगे पाव दिलाया गया एग्जाम
सीबीएसई ने नीट परीक्षा में किसी भी तरह से नकल रोकने के लिए पहले से ड्रेस कोड जारी करने केसाथ गहन जांच की व्यवस्था सेंटर पर की गई थी। कुल 3500 पर्यवेक्षकों की टीम देशभर में तैनात की गई थी। इसके अलावा प्रवेश से पहले छात्रों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई।
सिविल लाइंस स्थित स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर जूता पहनकर आए छात्रों के जूते उतरवाकर उन्हें नंगे पाव परीक्षा दिलाई गई। यही नहीं शालीमार बाग स्थित स्कूल में परीक्षा केंद्र पर फुल बाजू वाले शर्ट को आधी बाजू का बनाने के लिए उसे काट दिया गया। छात्र किसी भी तरह ब्लूटूथ, इलेक्ट्रानिक गैजेट लेकर तो नहीं गया इसके लिए मेटल डिटेक्टर से जांच की गई।
परीक्षा में सिख छात्रों को उनके धार्मिक चिन्ह कड़ा व अन्य सामान पहनने की छूट न मिलने के विरोध में बावजूद कोई छूट नहीं दी गई। गुरुद्वारा कमेटी ने कल ही एडवाईजरी जारी कर छात्रों को ऐसी छूट न मिलने पर विरोध जताने पर पुलिस बुलाने को कहा था। बावजूद आज परीक्षा में सिख छात्रों को छूट न मिलने पर उन्होंने हल्का विरोध जताया लेकिन किसी विवाद में पड़ने की अपेक्षा शंति से परीक्षा देना उचित समझा।