{"_id":"586bacf94f1c1b005215939c","slug":"must-pass-the-exam-required-after-every-fifth-no-detention-policy-will-be-changed","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पांचवीं के बाद हर परीक्षा पास करना होगा जरूरी, ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ में किया जाएगा बदलाव ","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
पांचवीं के बाद हर परीक्षा पास करना होगा जरूरी, ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ में किया जाएगा बदलाव
मुकेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 04 Jan 2017 01:54 PM IST
विज्ञापन
file photo
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राथमिक शिक्षा के स्तर सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्र सरकार ने पूर्व की यूपीए सरकार के दौरान लागू किए गए फैसलों में बदलाव करना शुरू कर दिया है। जल्द ही सरकार ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ में भी बदलाव कर शिक्षा क्षेत्र में अच्छे दिन लाने की कवायद शुरू करने जा रही है।
राइट टू एजुकेशन एक्ट में जो संशोधन किया जाना है, इसके तहत आगामी शैक्षणिक सत्र में आठवीं तक लागू ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ में भी बदलाव होगा। यानि अब पांचवीं कक्षा में पास हुए बिना छठी कक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा।
दरअसल, नो डिटेंशन पॉलिसी को यूपीए सरकार ने वर्ष 2010 में लागू किया था। जिसके तहत अगर कोई छात्र परीक्षा में फेल होता है तो उसे आठवीं कक्षा तक प्रमोट किया जाता है। पॉलिसी की विभिन्न खामियां को देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आरटीए एक्ट 2009 के सेक्शन-16 में संशोधन करने की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राइट टू एजुकेशन एक्ट में जो संशोधन किया जाना है, इसके तहत आगामी शैक्षणिक सत्र में आठवीं तक लागू ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ में भी बदलाव होगा। यानि अब पांचवीं कक्षा में पास हुए बिना छठी कक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
दरअसल, नो डिटेंशन पॉलिसी को यूपीए सरकार ने वर्ष 2010 में लागू किया था। जिसके तहत अगर कोई छात्र परीक्षा में फेल होता है तो उसे आठवीं कक्षा तक प्रमोट किया जाता है। पॉलिसी की विभिन्न खामियां को देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आरटीए एक्ट 2009 के सेक्शन-16 में संशोधन करने की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
पॉलिसी के कारण गिरा रिजल्ट
file photo
- फोटो : अमर उजाला
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर इस संबंध में सुझाव लेने के लिए सभी राज्यों में सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड ऑफ एजुकेशन (कैब) की सब कमेटियां गठित हुई थीं। हरियाणा में शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा की अगुवाई में बनी सब कमेटी ने भी नो डिटेंशन पॉलिसी में बदलाव की सिफारिश की थी। बताया जाता है कि कानून मंत्रालय से इस संशोधन के लिए मंजूरी मिल गई है। अब केबिनेट की मंजूरी का इंतजार है।
जानकारी के मुताबिक आठवीं कक्षा में अच्छी ग्रेडिंग लेने के बावजूद विद्यार्थी 9वीं और 10वीं में पहुंचते ही फेल हो जाते थे। ध्यान दे तो हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड का पिछले दो साल का रिजल्ट 40 प्रतिशत से भी कम रहा। शिक्षाविद् लगातार खराब होते रिजल्ट के पीछे ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ को जिम्मेदार मानते हैं। फेल न होने की नीति के चलते बच्चे पढ़ाई के प्रति गंभीर नहीं रहे, क्योंकि उन्हें मालूम था कि स्कूल स्वयं ही अगली कक्षा में उन्हें प्रमोट कर देगा।
अनीता शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा नो डिटेंशन पॉलिसी में बदलाव किए जाने की सूचना मिली है। इस बदलाव के लागू होने के बाद निश्चित ही शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा।
जानकारी के मुताबिक आठवीं कक्षा में अच्छी ग्रेडिंग लेने के बावजूद विद्यार्थी 9वीं और 10वीं में पहुंचते ही फेल हो जाते थे। ध्यान दे तो हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड का पिछले दो साल का रिजल्ट 40 प्रतिशत से भी कम रहा। शिक्षाविद् लगातार खराब होते रिजल्ट के पीछे ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ को जिम्मेदार मानते हैं। फेल न होने की नीति के चलते बच्चे पढ़ाई के प्रति गंभीर नहीं रहे, क्योंकि उन्हें मालूम था कि स्कूल स्वयं ही अगली कक्षा में उन्हें प्रमोट कर देगा।
अनीता शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा नो डिटेंशन पॉलिसी में बदलाव किए जाने की सूचना मिली है। इस बदलाव के लागू होने के बाद निश्चित ही शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा।