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स्कूलों में मेगा पीटीएम, पैरेंट्स को दिए गए रिपोर्ट कार्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 16 Oct 2016 12:02 AM IST
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मनीष सिसोदिया
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली सरकार केसभी सुबह व शाम की पाली केस्कूलों में मेगा पीटीएम-2 (पैरेंट्स टीचर मीटिंग) आयोजित की गई। बीती जुलाई में आयोजित पीटीएम को अभिभावकों से मिली सफलता के बाद सरकार ने पीटीएम-2 का आयोजन किया।
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अपने बच्चों के प्रदर्शन और पढ़ाई को जानने के लिए अभिभावकों में खासा उत्साह दिखाई दिया। इस दौरान शिक्षकों ने सितंबर में हुए समेटिव असेसमेंट (एसए-1) के रिपोर्ट कार्ड शिक्षकों के साथ साझा किए। सरकार ने इस पीटीएम को भी बड़ी कामयाबी बताया। सरकार की ओर से आने वाले दिनों में भी ऐसे पीटीएम आयोजित किए जाएंगे।
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पीटीएम-2 का निरीक्षण करने के लिए कई स्कूलों में उप मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, गोपाल राय व सतेन्द्र जैन समेत अन्य विधायक अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों पहुंचे। मनीष सिसोदिया ने अपने विधानसभा क्षेत्र के कुछ स्कूलों का दौरा किया।
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वहां उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों व छात्रों से भी बात की। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पीटीएम को लेकर अभिभावकों में अद्भुत उत्साह देखते ही बन रहा है। माता-पिता को अपने बच्चे के संबंध में बातचीत करने केलिए सही प्लेटफॉर्म मिल गया है।
यह बच्चों की आश्वयकताओं को बेहतर तरीके से समझने के लिए अभिभावकों व शिक्षकों के पास बेहतर अवसर है। सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता परक शिक्षा देने के लिए सरकार प्रयासरत है। माता-पिता का विश्वास सरकारी स्कूलों में प्रदान की जा रही गुणवत्ता परक शिक्षा की ओर बढ़ रहा है। सरकार आगे भी इस तरह केप्रयास करती रहेगी।
स्कूलों में अभिभावकों का रेड कारपेट पर हुआ स्वागत
स्कूलों में मेगा पीटीएम-2 को लेकर अभिभावकों स्वागत रेड कारपेट पर हुआ। इस शानदार स्वागत को अभिभावकों ने भी काफी सराहा। स्कूलों के प्रवेश द्वार व कक्षाओं को भी बेहतर तरीके से सजाया गया था। स्कूलों का माहौल पूरी तरह से बदला हुआ था। ऐसा लग रहा था जैसे कि कोई त्योहार हो।
हर माह पीटीएम आयोजित करने की मांग-जीएसटीए
राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ का आरोप है कि पीटीएम में अभिभावकों का उत्साह नजर नहीं आया। संघ का कहना है कि पूरी दिल्ली में औसतन 40-50 प्रतिशत अभिभावकों ने ही हिस्सा लिया।
पीटीएम को राजनीतिक कार्यक्रम बताते हुए संघ ने मांग की है कि इसे प्रत्येक माह के अंतिम कार्यदिवस को पीटीएम दिवस घोषित किया जाए। जीएसटीए के महासचिव अजयवीर यादव ने कहा कि अभिभावकों की उपस्थिति पीटीएम अनिवार्य हो जिससे कि छात्र की प्रगति की समीक्षा प्रतिमाह हो पाए और कमियों का समय पर समाधान किया जाए।
अभिभावकों में दिखाई दिया उत्साह
कई सरकारी स्कूलों में पीटीएम-2 को लेकर अभिभावकों में खासा उत्साह नजर आया। कई जगह पर स्कूल में प्रवेश के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी थी। पहली पीटीएम की तरह इस बार अभिभावकों में असमंजस नहीं था बल्कि वह जागरूक थे और अपने सवालों केसाथ स्कूल पहुंचे थे। अभिभावकों ने स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की समस्याओं के विषय में शिक्षकों से बातचीत की। रिपोर्ट कार्ड प्राप्त करने के बाद अभिभावकों ने शिक्षकों से खूब सवाल भी किए।
बच्चों के रिपोर्ट कार्ड दिए गए
पीटीएम-2 से पहले यह कयास लग रहे थे कि इस पीटीएम तक छात्रों केरिपोर्ट कार्ड तैयार नहीं हो सकेंगे। लेकिन स्कूलों व शिक्षकों ने कम समय में भी जिस तरह से रिजल्ट तैयार किया। उससे अभिभावकों को रिपोर्ट कार्ड मिल सके। हालांकि कुछएक स्कूलों से ऐसी सूचना भी आई कि रिजल्ट तैयार न होने पर उन्हें एक दो दिनों में रिपोर्ट कार्ड दिए जाने की बात कही गई।
बच्चों का परिणाम लेने पहुंचे अभिभावक ने इसे सरकार का बेहतर प्रयास बताया। पीटीएम से अपने बच्चे की जानकारी मिलती है। शिक्षक जो बच्चे के विषय में बताते हैं उससे बच्चे केसुधार में मदद मिलती है। (महेश कुमार अभिभावक)
शिक्षकों से काफी सकारात्मक जानकारी मिली है। बच्चे की प्रगति जानने के बाद अब हम भी उसकी कमियों पर ध्यान दे सकेंगे। इससे बच्चों की आगे की पढ़ाई करने में सहायता मिलेगी (अरुण कुमार अभिभावक)