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गणित वाले छात्र भी कर सकेंगे बीएससी बायोटेक यूनिवर्सिटी ने किया बदलाव
Updated Thu, 09 Jun 2016 01:12 AM IST
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12वीं में गणित की पढ़ाई कर अगर कोई छात्र बायोटेक्रोलॉजी में करियर बनाना चाहता है तो उसके लिए अच्छी खबर है। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) ने इसके लिए बीएससी इन बायोटेक्रोलॉजी करने वाले छात्रों के लिए बायोलॉजी की अनिवार्यता हटा दी है।
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इसका फायदा इस सत्र में शहर के राजकीय कॉलेजों को मिलेगा। दरअसल, अभी तक एमडीयू के कॉलेजों में बीएससी इन बायोटेक में 12वीं कक्षा में बायोलॉजी के छात्रों को दाखिला दिया जाता था।
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फिजिक्स, कैमेस्ट्री व गणित पढने वाले छात्र इससे महरूम रहते थे। वहीं, कॉलेजों में सीटें भी खाली रहती थी। बायोटेक की ओर घटते रूझान और खाली सीटों को देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग के आदेश पर यूनिवर्सिटी ने यह कदम उठाया है।
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यूनिवर्सिटी की पहल का नतीजा है कि कॉलेज में छात्र बायोटेक के बारे में काउंसलिंग के लिए आ रहे हैं।फिजिक्स, कैमेस्ट्री और मैथ लेकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को इसमें दाखिला मिल जाएगा।
अब इस सत्र में उम्मीद की जा रही है कि बीएससी बायोटेक्नोलॉजी में सीटें फुल हो जाएगी। गणित वाले छात्रों को एडमिशन का प्रावधान किए जाने की वजह से इस सत्र में नए रूप से पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।
वहीं, बायोटेक के शिक्षकों की मानें तो गणित वाले छात्रों को बायोटेक टेढ़ी खीर होगी। क्योंकि 12वीं तक गणित पढने की वजह से बायोलॉजी का ज्ञान नहीं होता है और बीएससी में उस स्तर का ज्ञान छात्रों को नहीं हो पाएगा।
इसका खामियाजा रिजल्ट में भुगतना पड़ सकता है। सेक्टर-14 राजकीय कॉलेज में करियर काउंसलर बताती है कि यह काफी संभावनाओं वाला विषय है। रिसर्च और डिवेलपमेंट प्रोग्राम के अलावा कई क्षेत्रों में करियर बनाया जा सकता है।