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केआईआईटी कॉलेज में हुई डेंगू पर परिचर्चा, जागरूकता पर दिया जोर
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 12 Aug 2016 12:02 AM IST
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डेंगू, मच्छर
- फोटो : file photo
साइबर सिटी में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोहना रोड स्थित केआईआईटी कॉलेज में बृहस्पतिवार को एक परिचर्चा हुई। जिसमें निजी अस्पताल के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि कुछ सावधानियों को अपना कर डेंगू से बचा जा सकता है।
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परिचर्चा में डॉ. आकांशा ने बताया कि डेंगू ठहरे हुए पानी में ज्यादा पनपता है। जो विशेषकर घरों, बगीचों, छत पर पड़े टायर में व कमरे में रखे कूलर में पनपता है। यहीं पर डेंगू के लार्वा पनपते हैं।
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जो लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इसलिए अपने घर के आसपास पानी एकत्र नहीं होने देना चाहिए। लोगों को सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करना चाहिए। दिन के समय सभी को मॉस्कीटो रेप्लिकैंट्स का इस्तेमाल करना चाहिए।
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जिससे मच्छर दिन में न काट सकें। परिचर्चा में विशेषज्ञों ने डेंगू के लक्षणों के बारे में भी बताया। कहा कि तेज बुखार, सर दर्द, आंखों में दर्द, उल्टी होना,जल्द थकान, मांसपेशियों में दर्द होना व चमड़े अचानक चकत्ते का होना प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं।
अगर इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉ. से परामर्श लेना चाहिए। क्योंकि डेंगू होने पर शरीर के प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। जिससे शरीर में से ब्लीडिंग होना शुरू हो जाता है जो जीवन के लिए हानिकारक है।
केआईआईटी कॉलेज के चेयरमैन बलदेव राज कामराह ने कहा कि हम सभी को इस घातक बीमारी से दूर रहने के लिए विशेषज्ञों द्वारा बताई गई सभी सावधानियों ध्यान में रखकर चलना होगा।