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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव : शशांक बने मुख्य चुनाव आयुक्त, आयोग के गठन के साथ ही पूर्व छात्रसंघ भंग 

Thu, 22 Aug 2019 04:01 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 22 Aug 2019 04:01 PM IST
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jnusu election 2019 new election commissioner appointed old union dissolved change in constitution

जवाहर लाल नेहरू छात्रसंघ चुनाव 2019 के लिए बुधवार को चुनाव आयोग का गठन हो गया। चुनाव के लिए स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्ट्डीज में वेस्ट एशिया में पीएचडी की पढ़ाई करने वाले शशांक पटेल को मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया है। आयोग गठित होते ही पूर्व छात्रसंघ को भंग कर दिया गया है। 

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जेएनयू के लाल दुर्ग में छात्रसंघ चुनाव के तहत आयोग के गठन के साथ ही छात्र संगठन मतदाताओं को रिझाने में जुट गए हैं। एबीवीपी अकेला तो वामपंथी संगठनों के छात्र संगठन आइसा, एआईएसएफ, एसएफआई व डीएसएफ एक सुर में मतदाताओं को अपने वायदों और पूर्व में किए गए कार्यों से रूबरू करा रहे हैं। चुनाव आयोग ने गठन के साथ ही छात्र संगठनों की गतिविधि पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
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विवि को भेजी स्पेशल स्कूल जीबीएम की रिपोर्ट 
छात्रसंघ ने भंग होने से पहले बुधवार सुबह मंगलवार को आयोजित स्पेशल स्कूल जीबीएम की रिपोर्ट बनाकर शिकायत निवारण प्रकोष्ठ को भेज दी है। इसमें एबीवीपी की सेंट्रल पैनल में चार के बजाय सात पदों पर चुनाव आयोजित करने की मांग है। रिपोर्ट छात्र संगठनों, मतदाताओं की राय पर आधारित है। अगले सप्ताह तक इस रिपोर्ट पर विश्वविद्यालय सूचना जारी कर सकता है।
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कैंपस में सुरक्षाकर्मियों की बढ़ोतरी
छात्रसंघ चुनाव की हलचल तेज होते ही छात्र संगठनों पर नजर रखने और कैंपस में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। क्लासरूम, डिपार्टमेंट, हॉस्टल, लाइब्रेरी के साथ-साथ कैंपस में हर जगह सुरक्षाकर्मी तैनात हो गए हैं। जेएनयू कैंपस एंट्री प्वाइंट पर सुरक्षा जांच में भी बढ़ोतरी की गई है। पहचान पत्र जांचने के बाद ही कैंपस में जाने की अनुमति है। बाहरी को रोका जाने लगा है।

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